Monday, 21 December 2015

Know economics terms in hindi

विश्व व्यापार संगठन (WTO)

विश्व व्यापार संगठन (WTO), अनेक देशों के बीच व्यापार के नियमों के सन्दर्भ में एक संगठन है जोकि उनके मध्य के अनेक व्यापारिक गठ्विधियों को अंजाम देने में न केवल मदद करता है बल्कि व्यापारिक कार्यक्रमों के संदर्भ में अनेक गतिविधीयों को अंजाम देता है.


नेशनल स्टॉक एक्सचेंज

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारत का सबसे बड़ा और तकनीकी रूप से अग्रणी स्टॉक एक्सचेंज है.


राज्य वित्तीय निगम (State Financial Corporation)

राज्य वित्तीय निगम (SFCs) राज्य स्तरीय वित्तीय संस्थाएं हैं जोकि संबंधित राज्यों में छोटे और मध्यम उद्यमों के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.


अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (International Development Association)
अंतर्राष्ट्रीय विकास संघ (International Development Association), विश्व बैंक की एक अनुषंगी संस्था है.


बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी (Multilateral Investment Guarantee Agency)
बहुपक्षीय निवेश गारंटी एजेंसी विश्व बैंक समूह की ही एक संस्था सदस्य है.


बैंक का ग्राहक (Customer of Bank)
आम बोलचाल की भाषा में बैंक का ग्राहक उसी को कहते हैं जो या तो बैंक का खाताधारक हो या बैंक में बैंक से सम्बंधित आपने कार्यों को अंजाम देता हो.


बैंक ड्राफ्ट
विनिमय-पत्र को ही एक रूप में एक ड्राफ्ट की संज्ञा दी जाती है.


एशियाई विकास बैंक (Asian Development Bank)
एशियाई विकास बैंक 1960 के दशक में द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात् युद्ध से हुए नुकसान के पुनर्वास और पुनर्निर्माण के प्रयासों को लागू करने के लिए स्थापित किया गया था.

उत्पादन और लागत के सिद्धांत
कोई भी आर्थिक इकाई जोकि किसी एक वस्तु या अनेक वस्तुओं के उत्पादन में संलिप्त रहती है उसे व्यापारिक फर्म कहते हैं.

मांग का नियम (Theory of Demand)
अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण नियमों के अंतर्गत मांग का नियम अत्यंत महत्वपूर्ण नियम है.

वचनपत्र (Promissory Notes)
परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 की धारा 4, के तहत एक वचनपत्र निर्माता द्वारा हस्ताक्षर किया गया एक बिना शर्त का उपक्रम है.

चेक की परिभाषा
परक्राम्य लिखत की धारा 6 में चेक की परिभाषा दी गयी है कि, चेक एक ऐसा विनिमय-पत्र है जो विनिर्दिष्ट बैंकर पर लिखा गया है और जिसका मांग पर से अन्यथा देय होना अभिव्यक्त नहीं है.

भारतीय रिजर्व बैंक: स्थापना
भारतीय रिजर्व बैंक, देश (भारत) का केंद्रीय बैंक है.
अधिनियम के संचालन को निलंबित करने का अधिकार (1949 बैंकिंग विनियमन अधिनियम)
किसी भी अधिनियम के संचालन को निलंबित करने का अधिकार, बैंकिंग विनियमन अधिनियम1949 के माध्यम से प्राप्त हुए हैं.

बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949
बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 पूरे देश में लागू है. इस अधिनियम के अलावा जो भी बैंकिंग से जुड़े अधिनियम हैं वे सभी एक पूरक अधिनियम के रूप में कार्य करते हैं.


मुद्रा के कार्य
मुद्रा की सबसे महत्वपूर्ण कार्य है लेनदेन को सुविधाजनक बनाना. इसका इस्तेमाल लेनदेन के सन्दर्भ में आसानी से किया जा सकता है.




विदेशी पूंजी
विदेशी पूंजी को रियायती प्रवाह या गैर रियायती समर्थन को रूप में किसी भी देश की अर्थव्यवस्था में प्राप्त किया जा सकता है या विदेशी निवेश के रूप में प्राप्त किया जा सकता है.



मुद्रा की परिभाषा
मुद्रा एक ऐसा मूल्यवान रिकॉर्ड है या आमतौर पर वस्तुओं और सेवाओं के लिए भुगतान के रूप में स्वीकार किया जाने वाला तथ्य है.



मोबाइल बैंकिंग
मोबाइल बैंकिंग से तात्पर्य है बैंक के ग्राहकों को मोबाइल और टेबलेट के माध्यम से बैंक से जुड़े तथ्यों और सूचनाओं की जानकारी देना और उन्हें उससे जुडी सूचनाओं को पहुँचाना.



भारतीय बैंकिंग उद्योग: चुनौतियां और अवसर
वर्तमान में सभी बैंकों के द्वारा अपने ग्राहकों को इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग जैसी विभिन्न सेवाओं के माध्यम से उनके खातों के सन्दर्भ में अनेक जानकारियों उपलब्ध करायी जा रही हैं.
गरीबी


पूर्ण गरीबी में आम तौर पर पानी, भोजन, स्वच्छता, आवास, कपड़े, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल आदि की मूलभूत सुबिधाओं का अभाव शामिल किया जाता है.



भारतीय बैंकिंग प्रणाली
भारत में पहला भारतीय बैंक, जनरल बैंक ऑफ इंडिया था. इसे वर्ष 1786 में स्थापित किया गया था.



मौद्रिक नीति
मौद्रिक नीति एक ऐसी नीति होती है जिसके माध्यम से किसी देश का मौद्रिक प्राधिकरण खासकर उस देश का सेंट्रल बैंक उस देश की अर्थव्यवस्था के अन्दर ब्याज़ की दरों के नियंत्रण के माध्यम से मुद्रा की पूर्ति को नियमित और नियंत्रित करता है.
(सूक्ष्म-वित्त) माइक्रोफाइनेंस
(सूक्ष्म-वित्त) माइक्रोफाइनेंस की सुविधा अकसर उन्हीं लोगों को दी जाती है जोकि एक तरफ कम आय वर्ग वाले होते हैं और उनके इलाके में बैंक की किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं होती है.



राजकोषीय नीति
राजकोषीय नीति सरकार की कराधान और व्यय के सन्दर्भ में किये जाने वाले निर्णयों से संबंधित है.
वित्तीय बाजार
एक वित्तीय बाजार उसे कहते हैं जिसमें न केवल वित्तीय परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाता है बल्कि उनका हस्तांतरण भी किया जाता है.
कृषि मजदूरों की संख्या में वृद्धि
ब्रिटिशों के आगमन से पूर्व भारत में कृषि मजदूरों का कोई अस्तित्व नहीं हुआ करता था|




कृषि मजदूर
औद्योगिक मजदूरों से अलग कृषि मजदूर की परिभाषा देना कठिन है|
मध्याहन भोजन योजना (Mid-Day Meal Scheme)
मध्याहन भोजन योजना , प्राथमिक स्तर पर पोषण के लिए प्रारंभ की गयी राष्ट्रीय स्तर की योजना थी.
नयी आर्थिक नीति-1991
1991 का साल स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के आर्थिक इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण है।

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