Wednesday, 16 December 2015

About Geography knowledge

मानक समय और समय क्षेत्र
मानक समय, एक आम समय का मानक होता है जो विविध भौगोलिक क्षेत्रों के समय के निर्धारण में इस्तेमाल किया जाता है.

अंतरिक्ष अन्वेषण
अंतरिक्ष अन्वेषण का तात्पर्य है खगोलविदों द्वारा उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से बाह्य अंतरिक्ष में आकाशीय पिंडों की निरंतर खोज और अन्वेषण करना.

ज्वालामुखी क्या है?
ज्वालामुखी, पृथ्वी की सतह पर उपस्थित ऐसी दरार या मुख होता है जिससे पृथ्वी के भीतर का गर्म लावा, गैस, राख आदि बाहर आते हैं.

ब्रह्मांड की उत्पत्ति: बिग बैंग थ्योरी
ऐसा विश्वास किया जाता है कि ब्रम्हांड की उत्पत्ति लगभग 15 अरब साल पहले घने, गर्म बूँद के रूप में शुरु हुआ था.

सौर प्रणाली
सौर मंडल सूर्य और उन सभी पदार्थों को संगठित करता है जो इसका चक्कर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगाते रहते हैं.

ग्रहण
ग्रहण के कई कारण हो सकते है जैसे हो सकता है के दो पिंडो के बीच कोई दुसरा पिंड आ जाये या उस पिंड से आने वाला प्रकाश स्रोत बंद हो जाये.

क्षुद्रग्रह, धूमकेतु, एवं एवं उल्का पिंड
क्षुद्रग्रह, जिन्हे अप्रधान ग्रह या ऐस्टरौएड भी कहा जाता है, सौरमंडल मे विचरण करने वाले ऐसे खगोलिय पिंड है जो आपने आकार मे ग्रहो से छोटे और उल्का पिंडो से बडे होते हैं.

दुनिया भर में महत्वपूर्ण जनजातियों और उनकी मातृभूमि
यहाँ आप महत्वपूर्ण जनजातियों और उनकी मातृभूमि के बारे में प्रस्तुत सूची से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

कृष्णा-गोदावरी बेसिन
कृष्णा-गोदावरी बेसिन देश के पूर्वी तट पर आंध्र प्रदेश में कृष्णा एवं गोदवरी नदियों के कुल 50000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैला है.

भारत का भूगोल
भारत की भूगर्भीय संरचना को कल्पों के आधार पर विभाजित किया गया है। प्रीकैम्ब्रियन कल्प के दौरान बनी कुडप्पा और विंध्य प्रणालियां पूर्वी व दक्षिणी राज्यों में फैली हुई हैं। इस कल्प के एक छोटे काल के दौरान पश्चिमी और मध्य भारत की भी भूगर्भिक संरचना तय हुई। पेलियोजोइक कल्प के कैम्ब्रियन, ऑर्डोविसियन, सिलुरियन और डेवोनियन शकों के दौरान पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में कश्मीर और हिमाचल प्रदेश का निर्माण हुआ।

प्राकृतिक संसाधन और भूमि प्रयोग
पृथ्वी हमें प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध कराती है जिसे मानव अपने उपयोगी कार्र्यों के लिए प्रयोग करता है। इनमें से कुछ संसाधन को पुनर्नवीनीकृत नहीं किया जा सकता है, उदाहरणस्वरूप- खनिज ईंधन जिनका प्रकृति द्वारा जल्दी से निर्माण करना संभव नहीं है।

जलमंडल व जैवमंडल
 पूरे सौरमंडल में पृथ्वी ही एकमात्र ऐसा ग्रह है जिस पर भारी मात्रा में जल उपस्थित है। यह एक ऐसा तथ्य है जो पृथ्वी को अन्य ग्रहों से विशिष्ट बनाता है।
पृथ्वी के समस्त जीव मिलकर जैवमंडल का निर्माण करते हैं। ऐसा विश्वास किया जाता है कि बायोमंडल का विकास लगभग 3.5 अरब वर्ष पूर्व शुरू हुआ था।

वायुमंडल
पृथ्वी को चारों ओर सैकड़ों किमी. की मोटाई में लपेटने वाले गैसीय आवरण को वायुमंडल कहते हैं। वायुमंडल गर्मी को रोककर रखने में एक विशाल 'काँच घर' का काम करता है, जो लघु तरंगों और विकिरण को पृथ्वी के धरातल पर आने देता है, परंतु पृथ्वी से विकरित होने वाली तरंगों को बाहर जाने से रोकता है। इस प्रकार वायुमंडल पृथ्वी पर सम तापमान बनाए रखता है।

पृथ्वी की धरातलीय संरचनाये
पर्वत
पठार
मरुस्थल
ज्वालामुखी
झील
हिमनद
मैदान

पृथ्वी की संरचना
पृथ्वी की आकृति लध्वक्ष गोलाभ (Oblate spheroid) के समान है। यह लगभग गोलाकार है जो ध्रुवों  पर थोड़ा चपटी है। पृथ्वी पर सबसे उच्चतम बिंदु माउंट एवरेस्ट है जिसकी ऊँचाई 8848 मी. है। दूसरी ओर सबसे निम्नतम बिंदु प्रशांत महासागर में स्थित मारियाना खाई है जिसकी समुद्री स्तर से गहराई 10,911 मी. है। पृथ्वी की आंतरिक संरचना कई स्तरों में विभाजित है। पृथ्वी की आंतरिक संरचना के तीन प्रधान अंग हैं- ऊपरी सतह भूपर्पटी (Crust), मध्य स्तर मैंटल (mantle) और आंतरिक स्तर धात्विक क्रोड (Core)। पृथ्वी के कुल आयतन का 0.5' भाग भूपर्पटी का है जबकि 83' भाग में मैंटल विस्तृत है। शेष 16' भाग क्रोड है।

पृथ्वी - एक परिचय
पृथ्वी  पूरे ब्रह्मांड में एक मात्र एक ऐसी ज्ञात जगह है जहां जीवन का अस्तित्व है। इस ग्रह का निर्माण लगभग 4.54 अरब वर्ष पूर्व हुआ था और इस घटना के 1 अरब वर्ष पश्चातï यहां जीवन का विकास शुरू हो गया था। तब से पृथ्वी के जैवमंडल ने यहां के वायु मण्डल में काफी परिवर्तन किया है। समय बीतने के साथ ओजोन पर्त बनी जिसने पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र के साथ मिलकर पृथ्वी पर आने वाले हानिकारक सौर विकरण को रोककर इसको रहने योग्य बनाया।

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