Tuesday, 5 January 2016

History gk question and answer in hindi

  • किस शासक को ‘सकलोत्तरापथनाथ’ कहा गया है?
    हर्षवर्धन को
  • हर्ष के समकालीन बंगाल का शासक कौन था?
    शशांक
  • गुप्त वंश के पश्चात् उत्तर भारत में बड़े भाग का पुनर्गठन किसने किया?
    हर्षवर्धन ने
  • हर्ष के शासनकाल में उत्तर भारत का सबसे महत्वपूर्ण शहर कौन सा था?
    कन्नौज
  • वर्तमान में कन्नौज किस प्रदेश में स्थित है?
    उत्तर प्रदेश में
  • हर्षवर्धन अपनी धार्मिक सभा कहाँ किया करता था?
    प्रयाग में
  • हर्षवर्धन की राजधानी थानेश्वर वर्तमान में कहाँ स्थित है?
    हरियाणा में
  • किस चीनी यात्री को यात्रियों में राजकुमार कहा जाता है?
    ह्वेनसांग
  • किस शासक ने नालंदा विश्वविद्यालय के लिए 100 ग्रामों की आय दान के रूप में दी?
    हर्षवर्धन ने
  • दक्षिण भारत में एरीपत्ती का अर्थ क्या है?
    जलाशय की भूमि
  • पुष्यभूति काल में राज्य की आय का मुख्य साधन क्या था?
    भूमिकर
  • पुष्यभूति काल में भूमिकर कितना लिया जाता था?
    पैदावार का 1/6 वाँ भाग
  • हर्षवर्धन के समय नालंदा विश्वविद्यालय का कुलपति कौन था?
    शीलभद्र
  • कश्मीर का इतिहास किस ग्रंथ में है?
    राजतरंगिणी
  • कार्कोट वंश की स्थापना किसने की?
    दुर्लभवर्द्धन ने
  • ‘अवंतिनगर’ नामक नगर को किस शासक ने बसाया?
    अवंतिवर्मन ने
  • कार्कोट वंश के बाद किस वंश का उदय हुआ?
    उत्पल वंश का
  • सर्वप्रथम हर्षवर्धन ने कन्नौज में बौद्ध धर्म सभा का आयोजन कब किया?
    643 ई.
  • ह्नेनसांग की रचना की क्या नाम है?
    सी-यू-की

Geography gk question answer in hindi

  • बगदाद किस नदी के तट पर बसा है?
    टिगरिस (टाइग्रिस)
  • बेलग्रेड किस नदी के तट पर बसा है?
    डेन्यूब
  • बर्लिन किस नदी के तट पर बसा है?
    स्प्री
  • बुडापोस्ट किस नदी के तट पर बसा है?
    डेन्यूब
  • ब्यूनस आयर्स किस नदी के तट पर बसा है?
    लाप्लाटा
  • काहिरा किस नदी के तट पर बसा है?
    नील
  • डबलिन किस नदी के तट पर बसा है?
    लाफे
  • हांको किस नदी के तट पर बसा है?
    यागाटसांक्यांग
  • कराची किस नदी के तट पर बसा है?
    सिन्धु
  • खारतूम किस नदी के तट पर बसा है?
    नील
  • लाहौर किस नदी के तट पर बसा है?
    रावी
  • लिस्बन किस नदी के तट पर बसा है?
    टेगस
  • लंदन किस नदी के तट पर बसा है?
    टेम्स
  • मैड्रिड किस नदी के तट पर बसा है?
    मैन्जनियर
  • काबुल किस नदी के तट पर बसा है?
    काबुल

About Olympic flag gk in hindi

ओलम्पिक ध्वज

ओलम्पिक ध्वज को मान्यता मिली सन् 1913 में। इसे सन् 1920 के ‘एंटवर्प’ खेल में पहली बार फहराया गया। ओलम्पिक ध्वज में पाँच रंगो, नीला, पीला, काला, हरा तथा लाल, के चक्र बने होते हैं जो कि पाँच महाद्वीपों के प्रतीक हैं। नीला चक्र यूरोप महाद्वीप का, पीला चक्र एशिया महाद्वीप का, लाल चक्र अमेरिका महाद्वीप का, काला चक्र अफ्रीका महाद्वीप का और हरा चक्र आस्ट्रेलिया महाद्वीप का प्रतीक है।

Gk of history in hindi

  • बिलग्राम के युद्ध कि अन्य किस नाम से जाना जाता है?
    कन्नौज का युद्ध
  • अकबर के समकालीन महिला शासक कौन थी?
    रानी दुर्गावती
  • ‘जवाबित’ का संबंध किससे था?
    राज्य कानून से
  • अकबर ने सबसे पहले किनके साथ वैवाहिक संबंध स्थापित किया?
    कछवाहों के साथ
  • किस मुगल शासक ने अपनी आत्मकथा फारसी में लिखी?
    जहाँगीर ने
  • किस मुगल शासक की सेना में सबसे अधिक हिंदू सेनापति थे?
    औरंगजेब
  • सुप्रसिद्धसंगीतज्ञ तानसेन का मकबरा कहाँ स्थित है?
    ग्वालियर में
  • गुलबदन बेगम का पिता कौन था?
    बाबर
  • किस मुस्लिम साहित्यकार का हिन्दी साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान है?
    अब्दुल रहीम खानखाना
  • मुगल बादशाह अकबर के काल का प्रसिद्ध चित्रकार कौन था?
    दशवंत
  • धरमत का युद्ध कब हुआ?
    सन् 1658 में
  • धरमत का युद्ध किस-किस के बीच हुआ?
    औरंगजेब और दारा शिकोह के बीच
  • मुगल काल में किस बंदरगाह को ‘बाबुल मक्का’ कहा जाता था?
    सूरत
  • राजपूताना के किस राज्य ने अकबर की संप्रभुत्ता स्वीकार नहीं की?
    मेवाड़
  • किस मध्यकालीन शासक ने ‘पट्टा एवं कबूलियत’ की प्रथा आंरभ की थी?
    शेरशाह ने

General knowledge in hiondi

  • ‘अनुशीलन समिति’ क्या थी?
    एक क्रांतिकारी संगठन
  • महाराष्ट्र में होमरूल आंदोलन किसने चलाया?
    बाल गंगाधर तिलक ने
  • ‘गदर पार्टी’ के संस्थापक नेता कौन थे?
    लाला हरदयाल
  • तात्यां टोपे का वास्तविक नाम क्या था?
    रामचंद्र पांडुरंग
  • किस प्रदेश में ब्रिटिश के विरुद्ध बिरसा मुंडा का संचालन हुआ?
    छोटा नागपुर
  • ‘गडकारी विद्रोह’ का केंद्र कौन-सा था?
    कोल्हापुर
  • 21 अक्टूबर, 1943 को स्वतंत्र भारत की आजाद हिंद सरकार की घोषणा कहाँ की गई?
    सिंगापुर में
  • बाल गंगाधर द्वारा आरंभ की गई पत्रिका कौन-सी थी?
    केसरी
  • जलियांवाला बाग कांड के समय भारत का वायसराय कौन था?
    लॉर्ड चेम्सफोर्ड
  • मोहम्मद अली जिन्ना को ‘हिंदू-मुस्लिम एकता का दूत’ किसने कहा था?
    सरोजनी नायडू
  • किस वर्ष मुस्लिम लीग ने एक पृथक राष्ट्र का संकल्प लिया?
    1940
  • भारत में मुस्लिग लीग की स्थापना कब हुई?
    1906
  • ‘मुस्लिम लीग’ की स्थापना किसने की?
    समीमुल्ला एवं आगा खाँ
  • मुस्लिम लीग का प्रथम अध्यक्ष कौन था?
    आगा खाँ
  • मुस्लिम लीग ने ‘मुक्ति दिवस’ कब मनाया था?
    22 दिसंबर, 1939
  • भारतीय मुसलमानों के लिए पृथक राज्य हेतु ‘पाकिस्तान’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया था?
    चौधरी रहमत अली
  • पाकिस्तान की माँग 1940 को किस अधिवेशन में की गई?
    लाहौर अधिवेशन
  • भारत व पाकिस्तान के बीच विभाजन किस योजना के तहत हुआ?
    माउंटबेटन योजना

Top 10 gk interesting facts

1.जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा को मूर्त रूप प्रदान किया था।

2.भारत में कुल 24 उच्च न्यायालय हैं।

3.संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसम्बर, 1946 को हुई थी।

4.पुनर्गठन के परिणामस्वरूप वर्ष 1947 में संविधान सभा के सदस्यों की संख्या 299 रह गयी थी।

5.संविधान सभा में हैदराबाद रियासत के प्रतिनिधि ने भाग नहीं लिया था।

6.भारतीय संविधान में भारत शासन अधिनियम 1935 के ढांचे को स्वीकार किया गया है।

7.राष्ट्रपति चुनाव से संबंधित मामले उच्चतम न्यायालय के पास भेजे जाते हैं।

8.श्री जी. वी. मावलंकर प्रथम लोकसभा के अध्यक्ष थे।

9.20 जुलाई, 1951 को पहली बार राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था।

10.संविधान द्वारा प्रदत्त नागरिकता के सम्बन्ध में संसद ने एक व्यापक नागरिकता अधिनियम 1955 में
बनाया था।

Sunday, 3 January 2016

Top 10 Gk objective question answer

1. किस गृह को "सुबह का तारा" और "शाम का तारा" कहा जाता है -- शुक्र

2. किस तत्व को सामान्यत: फलों और उनके रस को सुरक्षित रखने में प्रयोग किया जाता है ? -- सोडियम बेन्जोएट

3. वायुदाब मापने वाला यंत्र है -- बैरोमीटर

4. गुप्त वंश की स्थापना किसने की? -- श्रीगुप्त

5. इनमें से कौन सा यंत्र दूध में पानी की मात्रा मापने के लिए प्रयोग किया जाता है ? -- लैक्टो मीटर

6. मुख्यमंत्री की नियुक्ति की जाती है? -- राज्य के राज्यपाल के द्वारा

7. मौसम की भविष्यवाणी में इनमें से किसकी सहायता ली जाती है ? -- भू-स्थिरीय उपग्रह

8. संसार की सबसे लंबी नदी कौन सी है? -- नील

9. सबसे बड़े निर्वाचन क्षेत्र वाला भारतीय राज्य है ? -- उत्तर प्रदेश

10. प्रकाश वर्ष किसकी इकाई है ? -- दुरी की

Should we celebrate Valentine Day? February 14 Valentine's Day.

क्या  हम भारतीयों को वैलेंटाइन डे मानना चाहिए, ये सब आप पे निर्भर करता हैं की आप मनाये या न न मनाये लेकिन कुछ सुच ऐसे भी हैं जिनसे हम मुह नहीं मोर सकते, आइये जानते हैं उन सच को


वैलेंटाइन डे की कहानी!
"वेलेंटाइन डे मनाकर भारत भी कहीं इसी दिशा में तो नहीं जा रहा ?
अमेरिका में 7% बच्चे 13 वर्ष की उम्र से पहले ही यौनसंबंध बना लेते हैं | 85 % लड़के और 77% लड़कियां 19 वर्ष के पहले ही यौन संबंध बना लेते हैं | इससे जो समस्याएं पैदा हुई, उनको मिटाने के लिए वहाँ की सरकारों को करोड़ो रुपये खर्च करके भी सफलता नहीं मिलती |
भारतीय संस्कृति पर हो रहे कुठाराघात से लोकहितकारी पूज्य बापूजी के आह्वान से प्रेरणा पाकर पिछले आठ वर्षों से
देश-विदेश में करोड़ो लोग "वेलेंटाइन डे" मनाने के बदले "मातृ-पितृ पूजन दिवस" मना रहे हैं | इससे करोड़ों लोग पतन से बचे हैं एवं उनके जीवन में संयम व् सदाचार के पुष्प खिले हैं | मित्रो यूरोप (और अमेरिका) का समाज जो है वो रखैलों (Kept) में विश्वास करता है पत्नियों में नहीं, यूरोप और अमेरिका में आपको शायद ही ऐसा कोई पुरुष या मिहला मिले जिसकी एक शादी हुई हो, जिनका एक पुरुष से या
एक स्त्री से सम्बन्ध
रहा हो और ये एक दो नहीं हजारों साल की परम्परा है उनके यहाँ | आपने एक शब्द सुना होगा "Live in Relationship" ये शब्द आज कल हमारे देश में भी नव-अिभजात्य वगर् में चल रहा है, इसका मतलब होता है कि "बिना शादी के पती-पत्नी की तरह से रहना" | तो उनके यहाँ, मतलब यूरोप और अमेरिका में ये
परंपरा आज भी चलती है,







खुद प्लेटो (एक यूरोपीय दार्शनिक) का एक स्त्री से सम्बन्ध नहीं रहा, प्लेटो
ने लिखा है कि "मेरा 20-22 स्त्रीयों से सम्बन्ध रहा है" अरस्तु भी यही कहता
है, देकातेर् भी यही कहता है, और रूसो ने तो अपनी आत्मकथा में लिखा है कि "एक
स्त्री के साथ रहना, ये तो कभी संभव ही नहीं हो सकता, It's Highly Impossible"
| तो वहां एक पत्नि जैसा कुछ होता नहीं | और इन सभी महान दार्शनिकों का तो
कहना है कि "स्त्री में तो आत्मा ही नहीं होती" "स्त्री तो मेज और कुर्सी के
समान हैं, जब पुराने से मन भर गया तो पुराना हटा के नया ले आये " | तो बीच-बीच
में यूरोप में कुछ-कुछ ऐसे लोग निकले जिन्होंने इन बातों का विरोध किया और इन
रहन-सहन की व्यवस्थाओं पर कड़ी टिप्पणी की | उन कुछ लोगों में से एक ऐसे ही
यूरोपियन व्यक्ति थे जो आज से लगभग 1500 साल पहले पैदा हुए, उनका नाम था -
वैलेंटाइन | और ये कहानी है 478 AD (after death) की, यानि ईशा की मृत्यु के
बाद |

उस वैलेंटाइन नाम के महापुरुष का कहना था कि "हम लोग (यूरोप के लोग) जो
शारीरिक सम्बन्ध रखते हैं कुत्तों की तरह से, जानवरों की तरह से, ये अच्छा
नहीं है, इससे सेक्स-जनित रोग (veneral disease) होते हैं, इनको सुधारो, एक
पति-एक पत्नी के साथ रहो, विवाह कर के रहो, शारीरिक संबंधो को उसके बाद ही
शुरू करो" ऐसी-ऐसी बातें वो करते थे और वो वैलेंटाइन महाशय उन सभी लोगों को ये
सब सिखाते थे, बताते थे, जो उनके पास आते थे, रोज उनका भाषण यही चलता था रोम
में घूम-घूम कर |

संयोग से वो चर्च के पादरी हो गए तो चर्च में आने वाले हर व्यक्ति को यही
बताते थे, तो लोग उनसे पूछते थे कि ये वायरस आप में कहाँ से घुस गया, ये तो
हमारे यूरोप में कहीं नहीं है, तो वो कहते थे कि "आजकल मैं भारतीय सभ्यता और
दशर्न का अध्ययन कर रहा हूँ, और मुझे लगता है कि वो परफेक्ट है, और इसिलए मैं
चाहता हूँ कि आप लोग इसे मानो", तो कुछ लोग उनकी बात को मानते थे, तो जो लोग
उनकी बात को मानते थे, उनकी शादियाँ वो चर्च में कराते थे और एक-दो नहीं
उन्होंने सैकड़ों शादियाँ करवाई थी |

जिस समय वैलेंटाइन हुए, उस समय रोम का राजा था क्लौड़ीयस, क्लौड़ीयस ने कहा
कि "ये जो आदमी है-वैलेंटाइन, ये हमारे यूरोप की परंपरा को बिगाड़ रहा है, हम
बिना शादी के रहने वाले लोग हैं, मौज-मजे में डूबे रहने वाले लोग हैं, और ये
शादियाँ करवाता फ़िर रहा है, ये तो अपसंस्कृति फैला रहा है, हमारी संस्कृति
को नष्ट कर रहा है", तो क्लौड़ीयस ने आदेश दिया कि "जाओ वैलेंटाइन को पकड़ के
लाओ ", तो उसके सैनिक वैलेंटाइन को पकड़ के ले आये |

क्लौड़ीयस नेवैलेंटाइन से कहा कि "ये तुम क्या गलत काम कर रहे हो ? तुम अधमर्
फैला रहे हो, अपसंस्कृति ला रहे हो" तो वैलेंटाइन ने कहा कि "मुझे लगता है कि
ये ठीक है" , क्लौड़ीयस ने उसकी एक बात न सुनी और उसने वैलेंटाइन को फाँसी की
सजा दे दी, आरोप क्या था कि वो बच्चों की शादियाँ कराते थे, मतलब शादी करना
जुर्म था | क्लौड़ीयस ने उन सभी बच्चों को बुलाया, जिनकी शादी वैलेंटाइन ने
करवाई थी और उन सभी के सामने वैलेंटाइन को 14 फ़रवरी 498 ईःवी को फाँसी दे
दिया गया |

पता नहीं आप में से कितने लोगों को मालूम है कि पूरे यूरोप में 1950 ईःवी तक
खुले मैदान में, सावर्जानिक तौर पर फाँसी देने की परंपरा थी | तो जिन बच्चों
ने वैलेंटाइन के कहने पर शादी की थी वो बहुत दुखी हुए और उन सब ने उस
वैलेंटाइन की दुखद याद में 14 फ़रवरी को वैलेंटाइन डे मनाना शुरू किया तो उस
दिन से यूरोप में वैलेंटाइन डे
मनाया जाता है | मतलब ये हुआ कि वैलेंटाइन, जो कि यूरोप में शादियाँ करवाते
फ़िरते थे, चूकी राजा ने उनको फाँसी की सजा दे दी, तो उनकी याद में वैलेंटाइन
डे मनाया जाता है | ये था वैलेंटाइन डे का इतिहास और इसके पीछे का आधार |

अब यही वैलेंटाइन डे भारत आ गया है जहाँ शादी होना एकदम सामान्य बात है यहाँ
तो कोई बिना शादी के घूमता हो तो अद्भुत या अचरज लगे लेकिन यूरोप में शादी
होना ही सबसे असामान्य बात है | अब ये वैलेंटाइन डे हमारे स्कूलों में कॉलजों
में आ गया है और बड़े धूम-धाम से मनाया जा रहा है और हमारे यहाँ के
लड़के-लड़िकयां बिना सोचे-समझे एक दुसरे को वैलेंटाइन डे का कार्ड दे रहे हैं
| और जो कार्ड होता है उसमे लिखा होता है " Would You Be My Valentine" जिसका
मतलब होता है "क्या आप मुझसे शादी करेंगे" | मतलब तो किसी को मालूम होता नहीं
है, वो समझते हैं कि जिससे हम प्यार करते हैं उन्हें ये कार्ड देना चाहिए तो
वो इसी कार्ड को अपने मम्मी-पापा को भी दे देते हैं, दादा-दादी को भी दे देते
हैं और एक दो नहीं दस-बीस लोगों को ये
ही कार्ड वो दे देते हैं |

और इस धंधे में बड़ी-बड़ी कंपिनयाँ लग गयी हैं जिनको कार्ड बेचना है, जिनको
गिफ्ट बेचना है, जिनको चाकलेट बेचनी हैं और टेलीविजन चैनल वालों ने इसका
धुआधार प्रचार कर दिया | ये सब लिखने के पीछे का उद्देँशय यही है कि नक़ल आप
करें तो उसमे अकल भी लगा लिया करें | उनके यहाँ साधारणतया शादियाँ नहीं होती
है और जो शादी करते हैं वो वैलेंटाइन डे मनाते हैं लेकिन हम भारत में क्यों
??????

हमारी पोस्ट आपको कैसी लगी अच्छी या बुरी कृप्या कमेंट जरूर करे ताकि हम और बेहतर प्रयास कर सके।

अमर शहीद राजीव दीक्षित जी की जय !
वन्देमातरम

Kandahar viman hijack and masood azhar

कंधार विमान अपहरण का सच (1999 - 2000 )



बात है क्रिसमस की एक पूर्व शाम
की..सन 1999,

पहला दिन-दिसम्बर 24, 1999. (काठमांडू,नेपाल)

काठमांडू के एअरपोर्ट पर खड़ा विमान नयी दिल्ली के लिए उड़ान भरने को तैयार.. कप्तान, सह कप्तान या सह-चालक और इंजिनियर उड़ान से पूर्व नियमित जाँच करने में व्यस्त!
178 यात्री, जिनमें से ज्यादातर नेपाल से थोड़े दिनों की छुटियाँ बिताकर वापिस अपने घर जा रहे हैं..

शाम के 4 बजने के बाद विमान ने नयी दिल्ली की लिए उड़ान भरी.. सब कुछ नोर्मल ही था..
शीघ्र ही विमान ने भारतीय वायु अंतरिक्ष पार कर लिया! एयर होस्टेस यात्रियों को हल्का नाश्ता देने में व्यस्त हो गया..

केबिन सदस्यों में से एक अनिल शर्मा के अनुसार- मैंने कैप्टेन और अन्य कोक्क-पिट के मेम्बेर्स को ड्रिंक्स ऑफर करने का मन बनाया और उन्हें चाय या काफ्फी देने के बाद जैसे ही मैं कॉकपिट से बाहर निकला तो बाहर का दृश्य बदल चूका था.! कुछ लोग चेहरे पर मास्क लगाये हुए थे और उन्होंने मुझ पर अपनी बन्दूक तान दी! मैंने अपना इंटर-कोम पर कप्तान को सावधान करना चाहा , लेकिन असफल रहा!

तभी अपहर्ताओं में एक कोक्पित में घुस जाता है और कप्तान को डराना शुरू कर देता है.. वो पायलट को बार बार पश्चिम की तरफ विमान उड़ाने को कहता है !
इतनी देर में ही चार अन्य भारी हथियारों से लैस अपहर्ताओं ने पुरे जहाज पर कब्ज़ा कर लिया और उनकी आवाज को पुरे जहाज में सुना जा सकता था वो बार बार यात्रियों के सामने रखे भोजन को नीचे गिरा देने को बोल रहे थे.. सभी यात्रियों ने अपना भोजन नीचे रख दिया!
उसके बाद उन सभी को अपनी सीट्स बदलने के लिए मजबूर कर दिया गया.. बच्चों को अलग कर दिया गया.सभी साथी यात्रियों को एक दुसरे से अलग बैठा दिया गया,

यही वो समय था जब कप्तान से कोक्पिट से घोषणा की--
मैं आपका कैप्टेन बोल रहा हूँ, हमारा विमान हाई-जेक हो चूका है आप सभी यात्री कृपया संयम से काम लें और अपहर्ताओं की बात मान लें..

एक यात्री (अरुण)के अनुसार-
मैं अपनी सीट से अपनी बेटी को देखने के लिए एक बार उठा लेकिन अपहर्ताओं ने मुझे बैठे रहने को कहा, लेकिन बाद में उन्होंने मेरे रोष को देखते हुए एक बार जल्दी से मुड़कर देख लेने की इजाजत देदी!

इधर कोकपिट में कप्तान(पायलट) हाई-जेकर को ये विश्वास दिलाने में नाकाम रहा कि प्लेन के अंदर इतना इंधन नहीं है कि प्लेन को लाहोर(पाकिस्तान) तक उड़ाया जा सके जो की उनका पहला पसंदीदा गंतव्य स्थान था !




कप्तान के अनुसार---
उसने मुझसे पुछा की हमारे पास कितना इंधन है..मैंने कहाँ की सिर्फ इतना की दिल्ली तक उड़ सकें,. तब उसने पुछा कि ऐसा कैसे संभव है.. अगर आपातकालीन स्थिति में प्लेन को निर्धारित स्थान पर नहीं उतरा जा सकता तो तुम्हारे वैकल्पिक स्थान कोन से होंगे,
उसके ऐसा पूछने पर मैं आश्चर्यचकित रह गया,, हाई-जेकर जानता था की इस स्थिति में हमारे विकल्प बॉम्बे या अहमदाबाद हैं! इसीलिए मैंने कहा अहमदाबाद! तब हाई-जेकर को थोडा गुस्सा आया और उसने मुझसे कहा कि जब तुम बॉम्बे और अहमदाबाद तक उड़ सकते हो तो लाहोर क्यूँ नहीं.. लाहोर तो बॉम्बे और अहमदाबाद की तुलना में दिल्ली से बहुत नज़दीक है!




IC-814 अभी भी पश्चिम की तरफ एक अनजान गंतव्य की और उड़ रहा था!
इधर कैप्टेन ने अपह्र्न्कर्ताओं कि नज़र से बचते हुए एक रिस्क उठाकर भारतीय हवाई ट्राफिक कंट्रोल को इमरजेंसी सन्देश
भेजना शुरू किया जिससे उन्हें ये बात पता चल सके की IC-814 का अपहरण हो चूका है..

उधर कोक्पित में अभी भी बहस जारी थी.. अपहरण-कर्ता विमान को लाहोर लेकर जाना चाहते थे लेकिन कैप्टेन इसके लिए बिलकुल तैयार नहीं था और बहानेबाज़ी कर रहा था! अभी कारगिल लडाई को मुश्किल से 6 महीने ही बीते थे और कप्तान किसी भी कीमत में अपना हवाई क्षेत्र पार नहीं करना चाहता था!
वो भारत में कहीं पर भी उतरने के लिए तैयार था लेकिन पाकिस्तान में नहीं!




लाहोरे के ATC ने अब इसे अपहरण-कर्ताओं के लिए और मुश्किल बना दिया जिन्होंने विमान को लाहोरे में उतारने की अनुमति देने से इनकार कर दिया! यही नहीं उन्होंने अपने लाहोर के एयर स्पेस और एअरपोर्ट की लाईट्स को पूरी तरह बंद कर दिया ताकि विमान वहां उतरने न पाए ! चाहे पाकिस्तानियों का अपना विमान को ही वहां उतरना था लेकिन पाकिस्तानियों ने वहां रौशनी के सभी ज़रिये बंद कर दिए जिससे भारतीय विमान वहां उतर न पाए..

अब ये चोंका देने वाला था सबके लिए! शायद पाकिस्तानी किसी भी तरह का खतरा मोल लेना नहीं चाहते थे और इस केस से खुद को दूर रखना चाहते थे!

इधर प्लेन में, 8 यात्रियों को कार्यकारी केबिन (Executive Cabin) में शिफ्ट कर दिया गया जिसमे 27 वर्षीय रुबिन कात्याल भी शामिल था जो अपनी नव-विवाहित पत्नी रचना के साथ हनीमून मनाकर लोट रहा था!

एक यात्री कुमार सोनी के अनुसार वहां उन सबको सीट बेल्ट से सीट के साथ बांध दिया गया!




इधर कप्तान अपनी तरफ से कोशिश कर रहा था,. उसने विमान की गति 40% तक कम कर दी थी ताकि भारत सरकार को सोचने और स्थिति से निपटने के लिए और भी समय मिल जाये और जब वो इंडिया में लेंड हो तब तक कुछ न कुछ उपाय कर लिए गए हो..

अब विमान का इंधन तेजी से ख़तम हो रहा था,, अपहरंकर्ता किसी भी कीमत पर भारतीय जमीन पर उतर कर भारतीय सुरक्षा प्रणाली को कोई मोका नहीं देना चाहते थे और पाकिस्तानियों ने विमान को अपनी जमीन पर उतारने से इनकार कर दिया था और यहीं नहीं अपने एयर-पोर्ट की लाईट्स तक बंद कर दी थी!

अमृतसर-उत्तरी भारत का एक शहर
लाहोर से पूर्व दिशा में मात्र 50 किलो मीटर की दूरी पर


यद्यपि हाई-जेकर तैयार नहीं थे लेकिन पायलट के भरोसा दिलवाने पर और आपस में बात करने के बाद वो अमृतसर में लेंड करने के लिए तैयार हो गए,, शर्त ये थी की
वहां पर विमान में फिर से इंधन भरा जायेगा!

पहला दिन (अभी तक) अमृतसर

विमान अमृतसर की धरती पर उतरा, पायलट ने शांति की सांस ली. उसे भरोसा था की अब वो सब सुसुरक्षित हैं और भारत सरकार कुछ न कुछ कर लेगी..

पंजाब के पूरक चीफ कमांडो जे.पी. बिरदी के अनुसार---
हमें बताया गया था की एन. एस. जी. आ रही है और तब तक कोई भी कदम न उठाएं और विमान को सिर्फ एयर-पोर्ट पर रोके रखें,,

आगे का घटनाक्रम कुछ इस प्रकार है..


दिल्ली ऑथोरिटी से मिले आदेशानुसार पंजाब की लोकल फ़ोर्स यही कर रही थी.. बातचीत करने की कोशिश और फिर से इंधन भरने की तैयारी करते हुए बहुत समय ले रही थी!

इधर ये देरी अपहरंकर्ताओं को नागवार गुजर रही थी!

कप्तान को मजबूर किया गया ये कहने के लिए की---
हमारा जीवन खतरे में है, कृपया जल्दी से जल्दी इंधन भरें!

विमना अमृतसर में खड़े हुए को तकरीबन 90 मिनट हो चुके थे लेकिन अब तक इंधन को कोई टैंकर नज़र नहीं आया था!

हाई-जेकर को विश्वास हो गया की भारतियों ने विमान पर हमला करके कब्ज़ा लेने का मन बना लिया है और तैयारी पूरी हो चुकी है..

उन्होंने कप्तान को आदेश दिया विमान को फिर से उड़ाने का.

ये तर्क कि विमान में इंधन लगभग ना के बराबर है , भी कुछ काम नहीं कर रहा था..

अब ये स्पष्ट हो चूका था कि अगर इंधन नहीं मिलता है तो वो यात्रियों को मारना शुरू कर देंगे,! इस देरी के भयानक परिणाम सामने आने वाले थे!

जब कप्तान ने फिर भी लम्बे समय तक विमान को नहीं उड़ाया , तो एक अपहरंकर्ता ने एक यात्री रुबिन कात्याल को चाकुओं से गोद दिया!
बुरी तरह से उस लड़के कि छाती पर बेतहासा वार किये गए!

फ्लाईट के क्रू मेम्बर इस बात कि पुष्टि करने पीछे गया कि क्या वास्तव में अपह्र्न्कर्ताओं ने यात्रियों को मारना शुरू कर दिया है?

वहां का दृश्य देख कर उसके पाँव कि जमीन खिसक गयी!

उधर अपह्र्नकर्ता ने स्पष्ट कर दिया था कि अब अगर प्लेन नहीं उड़ाया गया तो वो एक एक करके सबको मार देंगे!

सबसे पहले कप्तान को गोली मारी जाएगी और उसके बाद एक एक यात्री को!




भारतीय सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं आई थी!

उधर कप्तान समझ चूका था कि अब ये लोग उन्हें मारना शुरू करने वाले हैं, उनकी आँखों में वेह्शिपन साफ़ दिखने लगा था!

कप्तान ने फिर से उड़ने का मन बनाया, ये जानते हुए भी कि लाहोर तक पहुँचने के लिए इंधन पर्याप्त है या नहीं,
ये कन्फर्म नहीं है..




भारतीय सरकार विमान को बचाने का एकमात्र और शायद आखरी मोका खो चुकी थी!




अमृतसर के एक अफसर,वि. एस. मालेकर के अनुसार--
पायलट बार बार यही बोल रहा था कि उनके पास इंधन नहीं है, खत्म हो चूका है, इसलिए कृपया इंधन भरा जाये! इसलिए हम सबको यकीन था कि जब तक हम उन्हें इंधन नहीं देंगे विमान उड़ान नहीं भर सकता!

उस समय के सुरक्षा सलाहकार,ब्रजेश मिश्र के अनुसार---
तब तक जरुरी जानकारी नहीं मिल सकी थी, और जरुरी जानकारी के आभाव में कोई भी कदम उठाना गंभीर साबित हो सकता था!

उस समय पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त,ऐ परथारार्ति के अनुसार-
सरकार का रवैय्या बचपना-पूर्ण था, तब तक कोई न कोई गतिविधि तो शुरू हो जानी चाहिए थी लेकिन सरकार इसमें नाकाम रही!

विमान एक बार फिर से हवा में था और उसका रुख पाकिस्तान की तरफ था!
उधर विमान फिर से पाकिस्तान कि तरफ चल तो दिया था लेकिन पाकिस्तान किसी भी कीमत पर उसे पानी धरती पर उतरने नहीं देना चाहती थी!


पाक सरकार कि और से साफ़ साफ़ सन्देश था कि दुनिया में कहीं भी उतर जाओ लेकिन पकिस्तान में नहीं!

उधर इंधन समाप्त होने की कगार पर था!

कप्तान ने विमान की ऊँचाई कम करते हुए लाहोर में नीचे की और आना शुरू किया ,ये देखने के लिए कि कोई जगह उसे मिल सके जहाँ वो लैंड करदे!

उसे ऐसी एक जगह दिखी जहाँ एअरपोर्ट की तरह रौशनी थी.. जैसे ही वो नीचे की तरफ आया उसने देखा वो एक बहुत ही व्यस्त रोड था..बड़ी ही मुश्किल से उसने विमान को वहां क्रेश होने से बचाया !

ये देखने के बाद पाक अधिकारियोंको अहसास हो चूका था कि अगर पायलट को अनुमति ना दी गयी तो प्लेन पाकिस्तान में क्रेश हो जायेगा!

इधर इधन की कमी के कारन विमान का एक इंजन पहले ही बंद हो चूका था! तब जाकर लाहोर एअरपोर्ट को खोल दिया गया और रौशनी की गयी !


प्लेन अब पाकिस्तान की धरती पर उतर चूका था!

प्लेन के अंदर यात्रियों के घायल होने के कारन मेडिकल सुविधाओं के लिए अनुरोध किया गया,, लेकिन पाकिस्तान जल्दी से जल्दी प्लेन को अपने देश से बाहर निकल देना चाहता था,, उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा की इंधन लो और यहाँ से बाहर निकल जाओ..

भारतियों के सभी अनुरोध को ठुकरा दिया गया!

वरिस्थ पत्रकार प्रवीण स्वामी के अनुसार-

शायद पाकिस्तान ये दिखाना चाहता था कि इस अपहरण से उसका कोई सरोकार नहीं है , इसलिए उसने ऐसा किया!

और पकिस्तान के इस उदासीन रवैये के कारण विमान वहां ज्यादा देर नहीं रुक सकता था!
पाकिस्तान के लाहोर में उतरने के 3 घंटे से भी कम समय में विमान फिर से हवा उड़ चूका था!

भारत में ये अफवाह फ़ैल गयी थी कि विमान में कुछ मृत यात्री हैं, दिल्ली एअरपोर्ट पर लोगों का जमावड़ा लगना शुरू हो चूका था!

अब अपह्र्नकर्ता विमान को काबुल,अफगानिस्तान में ले जाना चाहते थे, लेकिन क्यूंकि अफगानिस्तान के किसी भी शहर में रात्रि कि लैंडिंग की व्यवस्था नहीं थी, उन्हें ये विचार त्यागना पड़ा!


अब अपह्र्न्कर्ताओं ने पायलट को बाद्य किया विमान को दुबई,सयुंक्त अरब अमीरात की तरफ उड़ने के लिए!


इस बीच रुबिन कात्याल ने बहुत ज्यादा खून बह जाने के कारन अपनी आखरी सांस ली!

दूसरा दिन, दिसम्बर 25, 1999------

दुबई (सयुंक्त अरब अमीरात)


कुछ घंटो के सफ़र के बाद विमान दुबई में उतरा!

अमृतसर में कुछ कर न पाने के बाद अब भारत ने दुबई से वहां पर भारत से कमांडो भेजकर कमांडो ओपरेशन करने की अनुमति मांगी! लेकिन दुबई सरकार ने साफ़ इनकार कर दिया!
फिर भी किसी तरह इंधन के बदले में कुछ यात्रियों को छोड़ देने के लिए अपह्र्न्कर्ताओं को मनi लिया गया!
जिसमे घायल यात्रियों के साथ महिलाएं और बच्चे शामिल थे!




रुबिन का मृत शरीर नीचे लाया गया, और तकदीर की विडंबना देखिये की उसकी पत्नी रचना को इस बारे में पता भी नहीं था की उसका सुहाग उजाड़ चूका है!

इन सब गतिविधियों के तुरंत बाद ही विमान ने फिर से उड़ान भरी!


कमाल की बात ये देखिये कि भारत का सम्बन्ध अन्य देशों से या भारत की धाक अन्य देशों पर जो पकिस्तान और दुबई जैसे देशों ने साफ़ इनकार कर दिया भारत को किसी भी तरह का कोई ओपरेशन करने से अपनी धरती पर!

(किस तरह के संबंधों पर हस्ताक्षर होते हैं ये देशों के बीच????? जो साला ऐसे समय में अगर मदद न मिले तो क्या फायदा है ऐसे संबंधों का! फिर तो अमेरिका ही सही है जो डंडे के दम पर काम निकलवा लेता है किसी भी देश से! )

दूसरा दिन--दिसम्बर 25, 1999.

आज क्रिसमस का दिन था! यात्री इस बात से बेखबर थे की विमान पूरी रात उत्तर की तरफ उड़ता रहा है और कंधार,अफगानिस्तान में लैंड कर चूका है!

Saturday, 2 January 2016

Interesting facts in hindi

रोचक तथ्य:-
– ऊंट की आंख में तीन पलकें होतीं हैं जो उन्हें रेगिस्तान में उड़ने वाली रेत से बचाती हैं

– बिजली की कुर्सी का आविष्कार एक दंत चिकित्सक ने किया था।

– कॉकरोच सिर कटने के बाद भी कई सप्ताह तक जिंदा रह सकता है। दरअसल वह सिर कटने से नहीं, भूख से मरता है।

– गधे की आंखों की स्थिति कुछ ऐसी होती है कि वह अपने चारों पैरों को एक साथ देख सकता है।

– छछूंदर एक रात में लगभग 300 फीट की दूरी तक खोद सकती है

– एक गिलहरी की उम्र 9 साल तक होती है.

– कुत्ते और बिल्लीयाँ भी मनुष्य की तरह Left या Right-Handed होते है.

-.इतिहास में सबसे छोटा युद्ध 1896 में England और Zanzibar के बीच हुआ. जिसमें Zanzibar ने 38 मिनट बाद ही सरेंडर कर दिया था.।

– जब कांच टूटता है तो इसके टुकड़े 3000 मील प्रति घंटा की गति से छिटकते हैं।

– आकाशीय बिजली कड़कने से जो तापमान पैदा होता है वह सूर्य की सतह पर पाए जाने वाले तापमान से पांच गुना ज्यादा होता है।

– एक वायलिन बनाने में लकड़ी के 70 विभिन्न आकार के टुकड़े लगते हैं।

– किसी भी वर्गाकार सूखे कागज को आधा- आधा करके 7 बार से अधिक बार नहीं मोड़ा जा सकता।

– दुनिया के लगभग आधे अखबार अकेले अमेरिका और कनाडा में प्रकाशित होते हैं?
विश्व में उपयोग की गई ऊर्जा का ८८ प्रतिशत कोयला, तेल तथा प्राकृतिक गैस से मिलता है.

– चमगादड़ कैसे देखते हैं?
अक्सर लोग यह सोचते हैं कि चमगादड़ दुर्भाग्य लाते हैं, पर वास्तव में वे बड़े सौम्य और स्नेहिल जीव होते हैं. चमगादड़ उच्च आवृत्ति की ध्वनि उत्पन्न करते हैं जो हमारे कान नहीं सुन सकते. चमगादड़ इन ध्वनियों को बाधाओं, घरों, छतों व गुंबदों की ओर भेजते हैं. इन ध्वनियों की प्रतिध्वनि चमगादड़ों तक लौटकर आती है और उन्हें बताती है कि अँधेरे में उनके आस-पास क्या है. इस तरह वे शिकार करते हैं!..

About Women empowerment

मुद्दा : महिला सशक्तिकरण : श्रम भागीदारी : विश्लेषणात्मक परिचर्चा

दोस्तों हम सभी जानते हैं की हमारे देश भारत में लैंगिक विभेद के कई मामले सामने आ चुके हैं। और यह एक ज्वलंत मुद्दा है जो आज भी सामाजिक चिंतको , राजनितिक चिंतकों , भारतीय संसद, मानवाधिकार आयोग के साथ साथ राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय रिपोर्टों में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। जब आज विदित है की 21 वीं सदी में आधुनिकता ने जीवन शैली ,संस्कृति में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है किन्तु सामाजिक विचारधारा में आमूल चुल परिवर्तन के अलावा कोई और परिवर्तन देखने को नहीं मिलता। लोग आज भी पुरुष प्रधानता जैसी संकीर्ण मानसिकता से ग्रसित हैं। क्या यह उचित है स्वयं के लिए और राष्ट्र के निर्माण में?
जहाँ रणनीतिकारों ने सम्भावना जताई है कि 2022 तक देश की जनसँख्या प्रतिस्पर्धी देश चीन की जनसँख्या को पीछे छोड़ देगी, और जी डी पी के मामले में भी चीन से तुलनात्मक रूप में बढ़ोत्तरी हांसिल कर लेगी, उन परिस्थितियों में यदि हम वैश्विक आर्थिक महाशक्ति होने का ख्वाब देख रहे हैं तो क्या उचित है कि देश में उपलब्ध मानव श्रम का एक बड़ा अंश जो महिला हैं उनकी उपयोगिता को नजरअंदाज कर दिया जाये केवल इस संकीर्ण मानसिकता ‘पुरुष प्रधानता’ को सही साबित करने के लिए?
मित्रो मेरा मानना है की हम सभी को राष्ट्र हित में और स्वयं के क्रय मूल्य समता में वृद्धि हेतु महिला श्रमबल को भरपूर समर्थन देना चाहिए। सरकार को प्रयास करना चाहिए की अकुशल महिला श्रम संशाधनों को कुशल मानव संसाधन में परिवर्तन हेतु उचित नीतियों और शैक्षिक कार्यक्रमो की रुपरेखा बनानी चाहिए। जिसका परिणाम होगा की महिला सशक्तिकरण का उपयोग एक सही दिशा में हो पायेगा। और यह प्रयास व्यक्तिगत स्तर के साथ साथ सार्वभौमिक भी होना आवश्यक है, इसके लिए लोगो को जागरूक किये जाने हेतु भी सरकार को अनेक माध्यमो का इस्तेमाल करना चाहिए और इस प्रयास में मिडिया और सोशल साइट्स नेटवर्क्स अपनी महती भूमिका निभा सकते हैं।
यहाँ हम विभिन्न राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय रिपोर्ट्स को आधार मानते हुए इस मुद्दे के निहितार्थ आवश्यकता को बताने का प्रयास करेंगे
जनगड़ना 2011 : ने बीते दो दशको से रोजगार वृद्धि के गिरते रुख को लेकर जारी चर्चा को नए आयाम दिए हैं। NSSO(नेशनल सैंपल सर्वे आर्गेनाईजेशन) के श्रम शक्ति अनुमान से तुलना करने पर हम पाएंगे की 2001 से 2011 के मध्य समूची श्रम शक्ति में महिलाओं की भागीदारी तुलनात्मक रूप से घटी है।शैक्षिणिक संस्थानों में जहाँ 2001 से 2011 के बीच महिलाओं की भागीदारी दिखती है वहीं ग्रामीण भारत में महिलाओं की श्रम भागीदारी दर 18.3% है जबकि पुरुष श्रमिको की भागीदारी 47.4% है। यह अंतर शहरी क्षेत्रो में बढ़ जाता है।IMF रिपोर्ट: आईएमएफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यदि भारत की कार्यसंस्कृति में स्त्री-पुरुष असमानता और लैंगिक विभेद ख़त्म हो जाए तो अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ जायेगा और समग्र रूप से जी डी पी 27% बढ़ जायेगी। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के एशिया-प्रशांत मामलो की डिप्टी डायरेक्टर कल्पना कोछर ने कहा कि भारत के कामकाजी लोंगों में स्त्री पुरुष का अंतर 50% के आसपास है। OECD देशों में यह 12% है। भारत में अंतर ज्यादा है। यदि भारत इस विभेद को जल्द से जल्द ख़त्म कर लेता है तो इसका सबसे ज्यादा फायदा भारत को ही होगा।मैकिंजे रिपोर्ट : यदि भारत ने लैंगिक असमानता को समाप्त कर दिया तो 2025 में भारत को 46 लाख करोङ रूपए का अतिरिक्त लाभ होगा। जी डी पी वृद्धि दर में 1.4 फ़ीसदी का अतिरिक्त इजाफा होगा।

मकिंजे ग्लोबल इंडिया : पॉवर ऑफ़ पैरिटी रिपोर्ट 2015 :- मकिंजे ग्लोबल इंडिया ने पॉवर ऑफ़ पैरिटी:एडवानसिंग विमेंस इक्वलिटी इन इंडिया के आधार महिला विकास के विभिन्न सन्दर्भों पर चर्चा की। अगर कामकाजी महिलाओं और पुरुषो में विभेद पूरी तरह से ख़त्म हो जाये तो वर्ष 2025 में भारत के सकल घरेलु उत्पाद यानी जी डी पी को 188 लाख करोङ रुपए का अतिरिक्त लाभ होगा। लेकिन ये तभी सम्भव है जब भारतीय अर्थव्यवस्था में 6.8 करोड़ कामकाजी महिलायें अपना योगदान दें।मैकिंजे ने भारत में स्त्री पुरुष असमानता के मापन हेतु भारत के लिए एक नया इंडेक्स का निर्माण कर रहा है। जिसे ‘इंडिया फीमेल एम्पावरमेंट इंडेक्स'(फेमडेक्स) कहा जायेगा। जो भारत के विभिन्न राज्यों जहा स्त्रीपुरुष समानता के मामले में शीर्ष राज्य मिजोरम , केरल, मेघालय, गोवा, और सिक्किम हैं। वाही निमस्तर जहाँ असमानता ज्यादा है- बिहार, मध्यप्रदेश, असम, झारखण्ड और उत्तर प्रदेश जैसे राज्य आते हैं।‘पॉवर ऑफ़ पैरिटी : एडवानसिंग वुमेन्स इक्वलिटी इन इंडिया’ रिपोर्ट में कहबगया है की देश में महिलाओं के साथ हर क्षेत्र में भेदभाव होता है। स्वयत्तता, शारीरिक सुरक्षा, जरुरी सेवायें, कानूनी सुरक्षा, राजनितिक नेतृत्व, आर्थिक अवसर, और काम जैसे जीवन का कोई सा क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ उनसे समानता का बर्ताव किया जाता हो। स्वाभाविक है की जब उन्हें अवसर ही नहीं मिलते तो वे अपना योगदान भी नहीं दे पातीं। महिला पुरुष में घरेलु जिम्मेदारियों का ही यदि बंटवारा देंखे तो वह भी असमान है, मतलब घरेलु कार्य जहा महिला अपना योगदान श्रम द्वारा करती है परंतु इसके बदले उन्हें कोई भुगतान नहीं किया जाता। कार्य के घंटे के हिसाब से देंखे तो महिलायें तुलनात्मक रूप से पुरुषों से ज्यादा काम करती हैं परंतु भुगतान रहित।अगर वैश्विक संदर्भो की चर्चा करे तो इस रिपोर्ट में शामिल 95 देशों में से 26 ही प्रति व्यक्ति जी डी पी और मानव विकास इंडेक्स में भारत से पीछे हैं । लेकिन स्त्री पुरुष समानता के मामले में ये देश भारत से कही आगे हैं।

WEF(वर्ल्ड इकनोमिक फोरम) : ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स रिपोर्ट 2015-राजनितिक नेतृत्व में महिलाओं के बेहतर प्रतिनिधित्व के अवसर के सहारे भारत विश्व आर्थिक मंच के वैश्विक लिंग अंतर सूचकांक में 145 देशों में अपना स्थान बेहतर करते हुए 108 वां स्थान प्राप्त किया है जबकि आइसलैंड ने प्रथम तथा नार्वे और फिनलैंड ने क्रमशः दूसरा एवं तीसरा स्थान प्राप्त किया है। यह रैंकिंग आर्थिक भागीदारी एवं रोजगार के अवसर, शैक्षिणिक प्राप्ति, स्वास्थ्य एवं जीवन और राजनितिक सशक्तिकरण के लिहाज से देशों के प्रदर्शन पर आधारित है। ब्रिक्स देशों में भारत सबसे निचले पायदान पर है वही साउथ अफ्रीका शीर्ष पर काबिज है।
निष्कर्ष
विभिन्न रिपोर्ट्स और चर्चा के आधार पर यह सच प्रतीत होता है की भारत में मानव संसाधन का 50% महिलाओं का हिस्सा है, परंतु इस बड़ी आबादी का आज भी समुचित और सार्थक उपयोग नहीं किया जा सका है। कदाचित भारत में अभी भी रूढ़ मानसिक प्रवृत्तियाँ उपस्थित हैं लेकिन फिर भी सरकार का प्रयास होना चाहिए की इन रूढ़िवादी विचारधारा को समाप्त करने हेतु जनजागरूकता के कार्यक्रम को वृहत स्तर पर चलाये। ताकि लोग महिलाओं को केवल उपभोग की वास्तु न समझकर उनके उपयोगी श्रम और ऊर्जा का सही इस्तेमाल करने को प्रोत्साहित हो। क्योंकि यदि महिलाओं का 50 फीसदी हिस्सा यदि कुशल श्रम में बदल गया तो भारतीय अर्थव्यवस्था का आकर तो बढ़ेगा ही साथ ही परिवार की प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ेगी जो गरीबी उन्मूलन की एक आवश्यक शर्त भी है।
समाज को भी अब समझना चाहिए की यदि उन्होंने अपने बालिकाओं को प्रोत्साहित कर और भ्रूण हत्या जैसे विकृत गतिविधियों को छोड़ दे तो वह दिन दूर नहीं जब महिलाये विकास के हर क्षेत्र में परचम लहरायेगी। और पुरुषो से कंधे से कन्धा मिलाकर कार्य करेंगी। ऐसा तभी संभव है जब सरकार इसके लिए सामाजिक राजनितिक और विधायी प्रयास करे। सच है अगर यह दिवास्वप्न यदि हकीकत में बदल जाए तो वह दिन दूर नहीं जब हम विश्व की आर्थिक महाशक्ति के साथ साथ सामरिक शक्ति भी होंगे।

About Net Neutrality in hindi

Qus:- नेट न्यूट्रलिटी क्या है? Net Neutrality के मुद्दे क्या हैं? Net Neutrality पर भारत और अमेरिका की व्यवस्थाओं के मध्य तुलना कीजिये।
Ans . - दरअसल नेट न्यूट्रैलिटी, फ्री बेसिक्स, एयरटेल ज़ीरो, फ्लिपकार्ट और सेव द इंटरनेट। ये चंद नाम सुर्खियों में हैं। इसके तहत कुछ एेप्स एक्सेस करने के लिए यूज़र को कोई चार्ज नहीं देना पड़ता। इसके बजाय कंपनियों से ही सीधे चार्ज लिया जाता हैं। इस योजना का इंटरनेट कम्युनिटी ने विरोध किया है।
✓ Net Neutrality टर्मिनोलॉजी का इस्तेमाल सबसे पहले 2003 में हुआ। तब काेलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर टिम वू ने कहा था कि इंटरनेट पर जब सरकारें और टेलीकॉम कंपनियां डेटा एक्सेस को लेकर कोई भेदभाव नहीं करेंगी, तब वह Net Neutrality कहलाएगी।
नेट न्यूट्रलिटी क्या है?
1. नेट न्यूट्रलिटी एक ऐसी अवधारणा है, जिसमें अपेक्षा की जाती है कि यूजर, कंटेंट, साइट, प्लैटफॉर्म, एप्लिकेशन और संचार के तरीकों के आधार पर न तो भेदभाव किया जाए और न ही अलग-अलग शुल्क लिया जाए. दूसरे शब्दों में....
- Net Neutrality यानी अगर आपके पास इंटरनेट प्लान है तो आप हर वेबसाइट पर हर तरह के कंटेंट को एक जैसी स्पीड के साथ एक्सेस कर सकें।
2. इसमें माना ये जाता है कि इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर और सरकारें नेट पर सभी डेटा को बराबर तवज्जो दें.... Neutrality के मायने ये भी हैं कि चाहे आपका टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कोई भी हो, अाप एक जैसी ही स्पीड पर हर तरह का डेटा एक्सेस कर सकें।
3. ऐसा न हो कि कोई सर्विस ‘स्लो लेन’(Open ही नहीं हो पाती वेबसाइट) में इसलिए अटक जाए क्योंकि उसके हिसाब से पैसे नहीं दिए गए...... कुल मिलाकर, इंटरनेट पर ऐसी आजादी जिसमें स्पीड या एक्सेस को लेकर किसी तरह की कोई रुकावट न हो।
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तीन मुद्दे हैं Net Neutrality ke ..
1. पहला : आजादी। यानी हर तरह की वेबसाइट या हर तरह का डेटा एक्सेस करने की आजादी हो।
2. दूसरा : इक्वलिटी यानी आप कुछ भी एक्सेस करें, आपको नेट की स्पीड एक जैसी मिले।
3. तीसरा : फ्यूचर, क्योंकि इंटरनेट एक्सेस अब लग्जरी नहीं, बल्कि यूटिलिटी की कैटेगरी में आता है।
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=>भारत में क्या व्यवस्था है?
1.. टेलीकॉम कंपनियां स्काइप और वाइबर के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए अब वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) सेवाओं के लिए कस्टमर से अलग से चार्ज लेना चाहती हैं. इस मसले पर ट्राई जहां डिस्कशन पेपर लाने की तैयारी में है. वहीं, डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम नेट न्यूट्रलिटी को बरकरार रखना चाहता है.
2. पिछले साल एक मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर ने वीओआईपी यानी वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल सेवाओं पर एक जीबी डाटा के इस्तेमाल पर 1,000 रुपये तक चार्ज लेने का ऐलान किया था. जब इसका चौतरफा विरोध होने लगा और टेलीकॉम नियामक संस्था ट्राई ने इस पर डिस्कशन पेपर लाने की बात की तो कंपनी ये प्रस्ताव को वापस ले लिया.
3. टेलीकॉम कंपनियों को स्काइप और वाइबर जैसे एप्स के इस्तेमाल पर ग्राहकों से चार्ज लेने की छूट दी जाए या नहीं, इस पर सरकार के विभागों में ही एक राय नहीं दिखती. डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम नेट न्यूट्रलिटी को बरकरार रखना चाहता है, जबकि ट्राई का स्टैंड अलग है.
=>अमेरिका में क्या व्यवस्था है?
1. नये नियम मुताबिक ये सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी कंटेंट को ब्लॉक नहीं किया जाएगा.
2. इंटरनेट को इस आधार पर न बांटा जाए कि पैसा देकर इंटरनेट और मीडिया कंपनियां फास्ट लेन पा लें और बाकी लोगों को मजबूरन स्लो लेन मिले.

Top 10 gk question answer

1. भूकंप की तीव्रता की माप किस यंत्र के द्वारा की जाती है ? -- रिक्टर स्केल

2. कौन सी पर्वत चोटी भारत की सर्वोच्च पर्वत चोटी है? -- कंचनजंघा

3. कबीर के गुरु थे ? -- रामानन्द

4. क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का विश्व में स्थान है ? -- सातवाँ

5. भारत में सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान कौन सा है ? -- मासिनराम

6. तुम मुझे खुन दो मै तुम्हे आजादी दुंगा किसका नारा था? -- सुभाष चन्द्र बोस

7. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारित की गई है ? -- रेडक्लिफ रेखा द्वारा

8. विश्व की सबसे मीठे पानी की झील है --कैस्पियन

9. रेशम के कीड़े किस पेड़ पर पाये जाते है? -- शहतूत

10. राष्ट्रीय विज्ञान दिवस किस तिथि को मनाया जाता है? -- 28 February

Founder of India's major cities

भारत के प्रमुख नगरों के संस्थापक
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1. कोलकाता - जॉब चारनाक
2. मुंबई - ओनाल्ड ऑग्जिअर
3. भोपाल - राजा भोज
4. नई दिल्ली - एडविन लुट्यन्स
5. आगरा - सिकंदर लोदी
6. इंदौर - अहिल्या बाई
7. धार - राजा भोज
8. तुगलकाबाद - मोहम्मद तुगलक
9. जयपुर - सवाई राजा जयसिंह
10. सागर {MP }- उदालशाय
11. लखनऊ - आसफ़ुद्दौला
12.इलाहाबाद - अकबर
13. झाँसी -वीरसिंह जूदेव
14. अजमेर - अजयराज सिंह
15. उदयपुर - राणा उदय सिंह
16. टाटानगर - जमशेदजी टाटा
17. भरतपुर - राजा सूरजमल
18. कुम्भलगढ़ - राजा कुम्भा
19. पटना - उदयन
20. मुंगेर - चन्द्रगुप्त मौर्य
21. नालंदा - राजा धर्मपाल
22. रायपुर - ब्रम्हदेव
23. दुर्ग - जगतपाल
24. देहरादून - राजा जौनसार बाबर
25. पुरी - गंग चोल
26. द्वारका - शंकराचार्य
27. जम्मू - राजा जम्मू लोचन
28. पूना - शाह जी भोसले
29. हैदराबाद - कुली क़ुतुब शाह
30. अमृतसर - गुरु रामदास
31. दिल्ली - अन्नंतपाल तोमर
32. पांडिचेरी - फ्रांसिस केरी
33. श्रीगंगानगर - गंगासिंह
34. बीकानेर - राव जोधा के 5वें पुत्र
राव बिका
35. चुरू - चूहड़ा जाट
36. झुंझुनू - झुन्झ जाट
37. जैसलमेर - भाटी राजपूत जैसलसिंह
38. जोधपुर - राव जोधा
39. सीकर राव दौलतसिंह
40. अलवर - राव प्रताप सिंह कछवाहा
41. बाड़मेर - बाग भट्ट
42. धौलपुर - तोमरवंश के राजा धवलदेव
43. करौली - यदुवंशी राजा अर्जुनपाल
44. टोंक - अमीर खान पिंडारी
45. बूंदी - राव देशराज
46. बारां - सोलंकी राजपूत
47. कोटा - महाराव माधोसिंह
48. झालावाड़ - झाला जालिमसिंह
49. चित्तोड़गढ़ - चित्रांगद मोर्य
50. प्रतापगढ़ - महारावल प्रतापसिंह
51. बाँसवाड़ा - जगमाल सिंह
52. डूंगरपुर - डूंगरसिंह
53. सिरोही - सहसमल
54. राजसमन्द - महाराणा राजसिंह
55. मण्डोर - हरिश्चन्द्र प्रतिहार
56. सवाई माधोपुर - सवाई माधोसिंह
57. हनुमानगढ़ - महाराजा सूरतसिंह