"डिजिटल इंडिया : डिजिटल इंडिया के स्तंभ और उद्देश्य"
डिजिटल इंडिया** (Best post ever on digital India)
=>"डिजिटल इंडिया : डिजिटल इंडिया के स्तंभ और उद्देश्य"
- ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और साधन तैयार करना जिससे लोगों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सेवाएं मिल सकें साथ ही डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा मिल सके।
=>लाभ:-
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकसित होने के अनेक फायदे हैं। इससे सेवाओं को आसानी से मुहैया कराया जा सकेगा। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। सूचनाओं का व्यतिक्रम खत्म करने में मदद मिलेगी। ई-कामर्स और इकोनॉमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। लोगों के रिकॉड् र्स, प्रपत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और भूलेख जैसी लोगों की निजी जानकारियां आनलाइन सुरक्षित होंगी।
- इसी तरह सरकारी दस्तावेजों को भी आनलाइन देखा जा सकेगा। सरकार की हर काम में सहभागिता सुनिश्चित हो सकेगी। कंप्यूटरीकरण के चलते पहले ही पासपोर्ट, टैक्स, रेलवे टिकट, न्यायिक और प्रशासनिक सहित तमाम क्षेत्रों में सुविधाएं देना और लेना आसान हो चुका है लेकिन अभी बहुत से क्षेत्रों में तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत शिद्दत से महसूस की जा रही है।
- यहां तक कि स्मार्ट सिटी परियोजना की बुनियाद भी डिजिटल इंडिया पर खड़ी है। एक आदर्श स्मार्ट सिटी में नागरिक सेवाओं को इसी के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकता है। सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ यह है कि अभी देश पेट्रोलियम पदार्थों के बाद दूसरी जिस चीज के आयात पर सबसे ज्यादा धन खर्च करता है, वह है इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी उपकरण। अगर इस क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर हो जाएंगे तो हर साल यह मुद्रा हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था की अन्य दिक्कतों को दूर करने में सहायक होगी।
=>चुनौतियां:-
- डिजिटल इंडिया की शुरुआत के वक्त भले ही कई औद्योगिक घरानों ने इसमें लाखों करोड़ निवेश का अपना इरादा जताया हो लेकिन सरकार के लिए इसे मूर्त रूप देना इत�
डिजिटल इंडिया की शुरुआत के वक्त भले ही कई औद्योगिक घरानों ने इसमें लाखों करोड़ निवेश का अपना इरादा जताया हो लेकिन सरकार के लिए इसे मूर्त रूप देना इतना आसान नही है।
* 2011 में संप्रग सरकार के दौरान नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की घोषणा की गई। इसके तहत देश की 2.5 लाख पंचायतों को ब्राडबैंड कनेक्शन से जोड़ने की बात कही गई। संप्रग सरकार के सुस्त रवैये से यह योजना अभी सिरे नहीं चढ़ सकी। राजग सरकार के एक साल के कार्यकाल के बाद अब इसका 40 फीसद लक्ष्य पूरा किया जा सका। यानी सिर्फ एक लाख पंचायतें ही ब्राडबैंड से कनेक्टेड हो सकी हैं।
* पूरे देश को डिजिटाइज करने के क्रम में सरकार को निजता और साइबर सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना होगा। अभी हमारे पास साइबर अपराधों से लड़ने वाले सख्त कानूनों का अभाव है। लिहाजा लोगों की सूचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे कानून बनाने होंगे।
=>प्रोजेक्ट के नौ स्तंभ:-
डिजिटल इंडिया योजना नौ स्तंभों पर टिकी है।
1. ब्राडबैंड का विस्तार
इंटरनेट का विस्तार देश के विकास को रफ्तार देगा। नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क देश में ई-कॉमर्स के क्षेत्र में क्रांति ला देगा। गांवों को इंटरनेट सुपरहाईवे से समृद्ध किया जाएगा।
2. हर हाथ में मोबाइल
इस कार्यक्रम का आधार मोबाइल फोन होगा। इसके माध्यम से ही सारी जरूरतें, जानकारियां और जवाबदेही तय की जाएंगी।
3. जनता तक इंटरनेट की पहुंच
देश की सभी पंचायतों और डाकघरों तक इंटरनेट की सुविधा सुनिश्चित होगी।
4. ई गवर्नेंस
हर तरीके के प्रमाणपत्र को आनलाइन मुहैया कराने की कोशिश होगी। हर नागरिक की एक विशिष्ट पहचान होगी। उससे जुड़े प्रपत्रों एवं सूचनाओं का एक आनलाइन संग्रह होगा। सरकार के विभिन्न विभाग इन प्रपत्रों एवं सूचनाओं को देख व साझा कर सकेंगे। कई तरीके की सेवाओं (आधार, पेमेंट गेटवे जैसी) और मंचों को एकीकृत किया जाएगा।
सरकार की �और मंचों को एकीकृत किया जाएगा। सरकार की कार्यप्रणाली को पारदर्शी एवं ऑटो मोड में लाने की कोशिश होगी। जन शिकायतों का त्वरित निपटारा।
5. ई-क्रांति
इसके तहत सभी सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी सुनिश्चित होगी। ब्राडबैंड के माध्यम से ई-एजुकेशन, ई- हेल्थकेयर जैसे कार्यक्रमों का लोग लाभ उठा सकेंगे। वाई-फाई सुविधा मुफ्त होगी। किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी जानकारियां आनलाइन मिलेंगी।
6. सभी के लिए सूचना
सूचनाएं और प्रपत्र आनलाइन अपलोड किए जाएंगे। सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार लोगों से जुड़ी होगी।
7. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग
इलेक्ट्रानिक उत्पादों के निर्माण में देश का आत्मनिर्भर बनना जरूरी है। इसके लिए सेमी कंडक्टर उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है।
8. आइटी में रोजगार सृजन
कस्बों और गांवों के एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पांच लाख ग्र्रामीण आइटी कार्य शक्ति तैयार करने का लक्ष्य होगा।
9. उत्पादकता में वृद्धि
संसाधनों के पूरे इस्तेमाल पर जोर होगा। सभी सरकारी महकमों में बॉयोमेट्रिक्स उपस्थिति का लाभ लिया जाएगा।
=>डिजिटल पर टिकी स्मार्ट सिटी की बुनियाद:-
स्मार्ट सिटी तभी अपने नाम को सार्थक कर पाएगी जब उसमें तकनीक और संचार का छौंक
लगता है। स्मार्ट सिटी की सभी सुविधाएं और सेवाओं में तकनीक का अहम स्थान है। चाहे वह यातायात हो, स्वास्थ्य हो, शिक्षा हो, बिजली-पानी-सड़क हो।
- डिजिटल इंडिया स्मार्ट शहरों का तकनीकी मंच साबित होगा। यह ऐसे शहरों को तकनीक की महारत हासिल कराएगा जिससे वहां रहने वाले सुविधाएं और सेवाएं पारदर्शी और आसान तरीके से ले सकेंगे। लोगों के एक क्लिक पर सारी सूचनाएं हाजिर होंगी। ई- सर्विसेज, ई-पुलिस, ई-एजुकेशन, ई-कामर्स, ई-पोस्ट, जैसी दैनंदिन की जरूरतें कंप्यूटर पर महज बटन दबाने से पूरी हो जाएंगी।
डिजिटल इंडिया** (Best post ever on digital India)
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- ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर और साधन तैयार करना जिससे लोगों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से सेवाएं मिल सकें साथ ही डिजिटल साक्षरता को भी बढ़ावा मिल सके।
=>लाभ:-
- डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकसित होने के अनेक फायदे हैं। इससे सेवाओं को आसानी से मुहैया कराया जा सकेगा। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। सूचनाओं का व्यतिक्रम खत्म करने में मदद मिलेगी। ई-कामर्स और इकोनॉमिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। लोगों के रिकॉड् र्स, प्रपत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और भूलेख जैसी लोगों की निजी जानकारियां आनलाइन सुरक्षित होंगी।
- इसी तरह सरकारी दस्तावेजों को भी आनलाइन देखा जा सकेगा। सरकार की हर काम में सहभागिता सुनिश्चित हो सकेगी। कंप्यूटरीकरण के चलते पहले ही पासपोर्ट, टैक्स, रेलवे टिकट, न्यायिक और प्रशासनिक सहित तमाम क्षेत्रों में सुविधाएं देना और लेना आसान हो चुका है लेकिन अभी बहुत से क्षेत्रों में तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत शिद्दत से महसूस की जा रही है।
- यहां तक कि स्मार्ट सिटी परियोजना की बुनियाद भी डिजिटल इंडिया पर खड़ी है। एक आदर्श स्मार्ट सिटी में नागरिक सेवाओं को इसी के माध्यम से सुनिश्चित किया जा सकता है। सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ यह है कि अभी देश पेट्रोलियम पदार्थों के बाद दूसरी जिस चीज के आयात पर सबसे ज्यादा धन खर्च करता है, वह है इलेक्ट्रॉनिक और तकनीकी उपकरण। अगर इस क्षेत्र में हम आत्मनिर्भर हो जाएंगे तो हर साल यह मुद्रा हमारी घरेलू अर्थव्यवस्था की अन्य दिक्कतों को दूर करने में सहायक होगी।
=>चुनौतियां:-
- डिजिटल इंडिया की शुरुआत के वक्त भले ही कई औद्योगिक घरानों ने इसमें लाखों करोड़ निवेश का अपना इरादा जताया हो लेकिन सरकार के लिए इसे मूर्त रूप देना इत�
डिजिटल इंडिया की शुरुआत के वक्त भले ही कई औद्योगिक घरानों ने इसमें लाखों करोड़ निवेश का अपना इरादा जताया हो लेकिन सरकार के लिए इसे मूर्त रूप देना इतना आसान नही है।
* 2011 में संप्रग सरकार के दौरान नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की घोषणा की गई। इसके तहत देश की 2.5 लाख पंचायतों को ब्राडबैंड कनेक्शन से जोड़ने की बात कही गई। संप्रग सरकार के सुस्त रवैये से यह योजना अभी सिरे नहीं चढ़ सकी। राजग सरकार के एक साल के कार्यकाल के बाद अब इसका 40 फीसद लक्ष्य पूरा किया जा सका। यानी सिर्फ एक लाख पंचायतें ही ब्राडबैंड से कनेक्टेड हो सकी हैं।
* पूरे देश को डिजिटाइज करने के क्रम में सरकार को निजता और साइबर सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना होगा। अभी हमारे पास साइबर अपराधों से लड़ने वाले सख्त कानूनों का अभाव है। लिहाजा लोगों की सूचनाओं को सुरक्षित रखने के लिए ऐसे कानून बनाने होंगे।
=>प्रोजेक्ट के नौ स्तंभ:-
डिजिटल इंडिया योजना नौ स्तंभों पर टिकी है।
1. ब्राडबैंड का विस्तार
इंटरनेट का विस्तार देश के विकास को रफ्तार देगा। नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क देश में ई-कॉमर्स के क्षेत्र में क्रांति ला देगा। गांवों को इंटरनेट सुपरहाईवे से समृद्ध किया जाएगा।
2. हर हाथ में मोबाइल
इस कार्यक्रम का आधार मोबाइल फोन होगा। इसके माध्यम से ही सारी जरूरतें, जानकारियां और जवाबदेही तय की जाएंगी।
3. जनता तक इंटरनेट की पहुंच
देश की सभी पंचायतों और डाकघरों तक इंटरनेट की सुविधा सुनिश्चित होगी।
4. ई गवर्नेंस
हर तरीके के प्रमाणपत्र को आनलाइन मुहैया कराने की कोशिश होगी। हर नागरिक की एक विशिष्ट पहचान होगी। उससे जुड़े प्रपत्रों एवं सूचनाओं का एक आनलाइन संग्रह होगा। सरकार के विभिन्न विभाग इन प्रपत्रों एवं सूचनाओं को देख व साझा कर सकेंगे। कई तरीके की सेवाओं (आधार, पेमेंट गेटवे जैसी) और मंचों को एकीकृत किया जाएगा।
सरकार की �और मंचों को एकीकृत किया जाएगा। सरकार की कार्यप्रणाली को पारदर्शी एवं ऑटो मोड में लाने की कोशिश होगी। जन शिकायतों का त्वरित निपटारा।
5. ई-क्रांति
इसके तहत सभी सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी सुनिश्चित होगी। ब्राडबैंड के माध्यम से ई-एजुकेशन, ई- हेल्थकेयर जैसे कार्यक्रमों का लोग लाभ उठा सकेंगे। वाई-फाई सुविधा मुफ्त होगी। किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी जानकारियां आनलाइन मिलेंगी।
6. सभी के लिए सूचना
सूचनाएं और प्रपत्र आनलाइन अपलोड किए जाएंगे। सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार लोगों से जुड़ी होगी।
7. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग
इलेक्ट्रानिक उत्पादों के निर्माण में देश का आत्मनिर्भर बनना जरूरी है। इसके लिए सेमी कंडक्टर उत्पादों को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है।
8. आइटी में रोजगार सृजन
कस्बों और गांवों के एक करोड़ लोगों को प्रशिक्षित किया जाएगा। पांच लाख ग्र्रामीण आइटी कार्य शक्ति तैयार करने का लक्ष्य होगा।
9. उत्पादकता में वृद्धि
संसाधनों के पूरे इस्तेमाल पर जोर होगा। सभी सरकारी महकमों में बॉयोमेट्रिक्स उपस्थिति का लाभ लिया जाएगा।
=>डिजिटल पर टिकी स्मार्ट सिटी की बुनियाद:-
स्मार्ट सिटी तभी अपने नाम को सार्थक कर पाएगी जब उसमें तकनीक और संचार का छौंक
लगता है। स्मार्ट सिटी की सभी सुविधाएं और सेवाओं में तकनीक का अहम स्थान है। चाहे वह यातायात हो, स्वास्थ्य हो, शिक्षा हो, बिजली-पानी-सड़क हो।
- डिजिटल इंडिया स्मार्ट शहरों का तकनीकी मंच साबित होगा। यह ऐसे शहरों को तकनीक की महारत हासिल कराएगा जिससे वहां रहने वाले सुविधाएं और सेवाएं पारदर्शी और आसान तरीके से ले सकेंगे। लोगों के एक क्लिक पर सारी सूचनाएं हाजिर होंगी। ई- सर्विसेज, ई-पुलिस, ई-एजुकेशन, ई-कामर्स, ई-पोस्ट, जैसी दैनंदिन की जरूरतें कंप्यूटर पर महज बटन दबाने से पूरी हो जाएंगी।
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