1.💍💎 कोहिनूर डायमंड (Kohinoor diamond)💎💍
💍💎भारत का गौरव कहे जाने वाले कोहिनूर कीबात करें तो ये इस समय ब्रिटेन की महारानी के ताज की शोभा बढ़ा रहा है।
💍💎कोहिनूर को अकबर से लेकर शाहजहां तक नेपहना, फिर वो लुटकर ईरान चला गया और वापस भारत
आया भी तो अंग्रेज ले गए।
💍💎 कोहिनूर सबसे पहले 12वीं शताब्दी में काकतीय साम्राज्य के पास था।
💍💎जहां वारंगल के एक मंदिर में कोहिनूर हिंदू देवता की आंख के तौर पर मंदिर की शोभा बढ़ा रहा था।
💍💎सबसे पहले वहां से अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति मालिक काफूर ने 1310 में इसे लूट लिया और
खिलजी को भेंट कर दिया।
💍💎 इसके बाद इसने दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राज्यों की शोभा बढ़ाई।
💍💎बाबर ने 1526 में इब्राहिम लोधी से दिल्ली की सत्ता छीनने के साथ ही इसे भी छीन लिया।
💍💎बाबर के बाद हुमायूं ने इसे ‘बाबर हीरे’ का नाम दिया।
💍💎तब से कोहिनूर मुगल सल्तनत के पास बना रहा।
💍💎मुगल सल्तनत के आखिरी दिनों में इसे ईरानी आक्रमणकारी नादिरशाह ने लूट लिया।
💍💎 जहां से उसे अफगानिस्तान का शासक अमहद शाह दुर्रानी अपने साथ ले गया।
💍💎 इसके बाद उसके उत्तराधिकारी शुजा शाह दुर्रानी ने अफगानिस्तान से भागकर लाहौर आने के बाद शरण
मांगी और कोहिनूर को महाराजा रणजीत सिंह को भेंट कर दिया।
💍💎 कहा जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह से छल करके अंग्रेज इसे इंग्लैंड ले गए।
💍💎 लेकिन दूसरी थ्योरी के मुताबिक बताया जाता है कि इसे महाराजा रणजीत सिंह की मौत के बाद उनके
13 वर्षीय वारिस दिलीप सिंह ने अंग्रेजों को भेंट कर दिया
💍💎और फिर इसे महारानी विक्टोरिया के ताज में जड़वा दिया गया और तब ये अंग्रेजोंके पास है।
💍💎भारत का गौरव कहे जाने वाले कोहिनूर कीबात करें तो ये इस समय ब्रिटेन की महारानी के ताज की शोभा बढ़ा रहा है।
💍💎कोहिनूर को अकबर से लेकर शाहजहां तक नेपहना, फिर वो लुटकर ईरान चला गया और वापस भारत
आया भी तो अंग्रेज ले गए।
💍💎 कोहिनूर सबसे पहले 12वीं शताब्दी में काकतीय साम्राज्य के पास था।
💍💎जहां वारंगल के एक मंदिर में कोहिनूर हिंदू देवता की आंख के तौर पर मंदिर की शोभा बढ़ा रहा था।
💍💎सबसे पहले वहां से अलाउद्दीन खिलजी के सेनापति मालिक काफूर ने 1310 में इसे लूट लिया और
खिलजी को भेंट कर दिया।
💍💎 इसके बाद इसने दिल्ली सल्तनत के विभिन्न राज्यों की शोभा बढ़ाई।
💍💎बाबर ने 1526 में इब्राहिम लोधी से दिल्ली की सत्ता छीनने के साथ ही इसे भी छीन लिया।
💍💎बाबर के बाद हुमायूं ने इसे ‘बाबर हीरे’ का नाम दिया।
💍💎तब से कोहिनूर मुगल सल्तनत के पास बना रहा।
💍💎मुगल सल्तनत के आखिरी दिनों में इसे ईरानी आक्रमणकारी नादिरशाह ने लूट लिया।
💍💎 जहां से उसे अफगानिस्तान का शासक अमहद शाह दुर्रानी अपने साथ ले गया।
💍💎 इसके बाद उसके उत्तराधिकारी शुजा शाह दुर्रानी ने अफगानिस्तान से भागकर लाहौर आने के बाद शरण
मांगी और कोहिनूर को महाराजा रणजीत सिंह को भेंट कर दिया।
💍💎 कहा जाता है कि महाराजा रणजीत सिंह से छल करके अंग्रेज इसे इंग्लैंड ले गए।
💍💎 लेकिन दूसरी थ्योरी के मुताबिक बताया जाता है कि इसे महाराजा रणजीत सिंह की मौत के बाद उनके
13 वर्षीय वारिस दिलीप सिंह ने अंग्रेजों को भेंट कर दिया
💍💎और फिर इसे महारानी विक्टोरिया के ताज में जड़वा दिया गया और तब ये अंग्रेजोंके पास है।
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