Monday, 27 July 2015

Really very interesting and thriller facts

.1.आप एक ही समय पर सपने देख और खराटे मार नही सकते

.2.अगर कोई इन्सान आप को कहता है कि उसे सपने नही आते ते इसका मतलब वह अपने सपने भूल चुका है

.3.एक औसतन इन्सान रात में 4 सपने और एक साल में 1,460 सपने देखता है

.4.आप को कभी भी यह याद नही रहेगा कि आपका सपना कहा से शुरू हुआ था.

5.आप जागने के बाद अपने आधे सपने और दस मिनट बाद 90% सपने भूल जाते हैं.

6.अंधे लोगो को भी सपने आते हैं-जो लोग जन्म के बाद अन्धे बनते है उन्हें अपने सपनो में तस्वीरे दिखाई देती है. मगर जो जन्म से ही अंन्धे होते है उन्हें कोई तस्वीर नही दिखती और सपनों में चीजो की आवाजे,smells, छूना और भावनाएँ ही आती हैं

.7. सपनों में हम सिर्फ चेहरे देखते है, जो हम पहले से ही जानते होते हैं-हमारा दिमाग अपने आप चेहरे नही बनाता. सपने में हमे सिर्फ वही चेहरे दिखते हैं जो हमने अपनी जिन्दगी , टी.वी पर देखे होते हैं.

8. हर किसी के सपने रंगदार नही होते-सारे मनुष्य रंगदार सपने नही देखते हैं. पहले के समय में जब टी.वी. नही होते थे तब लगभग सभी लोग Black and White सपने देखते थे. मगर जब से रंगीन टी.वी. आए हैं तब से 95% लोग रंगीन सपने देखने लगे हैं.

9 भावनाएँ-ज्यादातर सपने चिंता और फिक्र वाले होते है. सपनो में Negative emotions,positive से ज्यादा होते हैं
.10. जानवर भी सपने देखते हैं-अध्ययनों के बाद पता चला है कि जानवर भी सोते समय मनुष्यों की तरह ही दिमागी तरंगे छोड़ते है. कभी आप एक कुत्ते को सोते देखे. वह अपने पैर इस तरह से हिला रहा होगा जैसे किसी का पीछा कर रहा हो.

11. आदमी और औरतों के सपने अलग-अलग होते हैं-लगभग 70% आदमीयों के सपने अन्य आदमीयों के बारे में ही होते है जब कि औरतो के सपने आदमी और औरतो दोनो के बारे में होते हैं.

12. अमरीका के 16वे राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने अपनी मौत से कुछ समय पहले अपनी पत्नी से कहा था, “मैने अपने सपने में कुछ लोगों को रोते देखा था”.

13. हम सोते समय 90 मिनट में एक सपना जरूर देखते हैं और हमारा सबसे लंम्बा सपना सुबह आता है जो कि 30 से 45 मिनट तक का होता है

.14. अगर सपने में किसी को गंदा पानी दिखता है तो उसका मतलब यह है कि सपना देखने वाला सेहतमंद नही है

.15. हमारे प्राचीन वेदों में लिखा है कि यह संसार असल में एक सपना ही है और असलीयत कुछ और ही है.

16. सपने हमें लक्वाग्रस्त बनाते हैं-इस पग को बताने से पहले हम आप को बता देना चाहते है कि हमारी नींद
के 4 चरण होते है उन्में से एक चरण है रेपिड आई मुवमेंट REM (Rapid eye movement). इस अवस्था के दौरान हमारी आँखो की पुतलियाँ तेजी से हिलती हैं. इस अवस्था के दौरान हम सपने देख रहे होते हैं .सपनों की अवस्था तब आती है जब हम नींद के REM चरण में पहुँच जाते हैं. इस अवस्था के दैरान हम स्लीप पेरैलाइज का अनुभव करते हैं यानी कि इस दौरान हमारा शरीर लगभग लकवाग्रस्त सा हो जाता है. हम जागृत अवस्था में होते हैं परंतु हिलडुल नही पाते. इस अवस्था के दौरान हम सपने देखते है. हमें हमारे आसपास का वातावरण जागृत अवस्था में दिखाई देता है. इस समय हमारा दिमाग काफी सक्रीय हो जाता है . कई लोग इस अवस्था के दौरान अचानक जाग जाते हैं परंतु फिर भी हिल-डुल नही पाते. यह अवस्था 5 मिनट तक चल सकती है जब तक कि दिमाग के वे हिस्से फिर से सक्रीय न हो जाए जो शरीर के हलन-चलन के लिए आवश्यक हैं. कई लोग जिन्होंने खुद को परग्रहवासियों के अधीन हो जाने की बात कही थी, वह वास्तव में इसी अवस्था से गुजरे थे

.17. डरावने सपने-लगभग 5 से 10 प्रतीशत लोग महीने में एकाध बार भयानक और डरावने सपने देखते है. इस तरह के सपनों में कोई हमारे पीछे भागता है. 3 से 8 साल को बच्चों को इस तरह के सपने अधिक आते हैं

.18. इलियास होवे ने सिलाई मशीन की खोज की थी. उन्होंने अपने सपनें में खुद को आदिवासियों की कैद में देखा थी जो उन्हें जलाने वाले थे. इस दौरान वे आदिवासी अपने हथियारों को अजीब तरह से सिल रहे थे. परन्तु इससे एलियास को सिलाई मशीन की तकनीक समझ में आ गई.

19. फेड्रिक ओगस्ट ने बेनजेन(C6H6) जैसा जटिल रसायनिक फार्मुला तैयार किया वह भी सपने की आभारी है. उन्होंने अपने सपने में कुछ साँप देखे थे जो अपनी पूंछ खा रहे थे

.20. जैम्स वॉटसन जिन्होंने अपने मित्र फ्रांसिस क्रिक के साथ मिलकर D.N.A की खोज की थी का कहना था कि, “उन्होंने अपने सपने में ढेर सारी स्पायर सीढ़ियॉ देखी थी.

21. सपने हमें सिखाते हैं-सपने जाने अनजाने हमारे बौद्धिक विकास में महत्वपुर्ण भाग निभाते हैं. REM अवस्था के दैरान हमारे दिमाग के वे हिस्से काफी सक्रीय हो जाते है जिनसे हम पढ़ना सीखते हैं, यही वजह है कि बच्चे अधिक समय तक इस अवस्था मे गुजरते हैं. सपनों के दौरान हम कई नई बातें सीखते हैं परन्तु जागने के बाद हमें इसका अहसास नही रहता. दिन में हम जो सीखते हैं, सपनों के दौरान हम उन कलायों में पारंगत बन जाते हैं.

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