Vijender Singh vs boxing

भारत के सुप्रसिद्ध मुक्केबाज विजेन्दर सिंह (Vijender Singh) 29 जून 2015 को क्यों चर्चा में आ गए? – क्योंकि उन्होंने घोषणा की कि बे एम्येच्योर बॉक्सिंग को छोड़कर प्रोफेशनल बॉक्सर बन रहे हैं जिसका अर्थ हुआ कि अब वे किसी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर पायेंगे
विस्तार: उल्लेखनीय है कि 29-वर्षीय विजेन्दर सिंह भारत में मुक्केबाजी के सबसे प्रसिद्ध स्तंभ हैं तथा मुक्केबाजी में ऑलम्पिक पदक प्राप्त करने वाले पहले तथा अभी तक एकमात्र खिलाड़ी हैं। उन्होंने वर्ष 2008 के बीजिंग ऑलम्पिक खेलों में काँस्य पदक हासिल कर यह उपलब्धि हासिल की थी। 29 जून 2015 को उन्होंने मुक्केबाजी में अपना प्रोफेशनल करियर शुरू करने की घोषणा की और बताया कि उन्होंने क्वीन्सबेरी प्रमोशन्स (Queensberry Promotions) से कई वर्षों का प्रोफेशनल समझौता कर लिया है जिसके तहत उन्हें अपने पहले साल कम से कम 6 प्रोफेशनल मुकाबलों में उतरने का मौका मिलेगा। लेकिन इसके चलते विजेन्दर सिंह अब किसी मुक्केबाजी स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर पायेंगे क्योंकि अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाजी एसोसिएशन (International Boxing Association – AIBA) के नियमों के मुताबिक एसोसिएशन के तहत आने वाले प्रोफेशनल मुकाबलों के अलावा किसी अन्य प्रोफेशनल मुकाबले में भाग लेने वाले मुक्केबाज एम्येचोर स्पर्धाओं में भाग नहीं ले सकते हैं। विजेन्दर के इस निर्णय से भारत को एक बड़ा झटका लगा है क्योंकि उन्हें ऑलम्पिक, एशियाई खेल तथा मुक्केबाजी विश्व कप में भारत के लिए सबसे बड़ी उम्मीद माना जाता है। भारत के मुख्य मुक्केबाजी कोच गुरुबक्श सिंह संधु ने विजेन्दर के प्रोफेशनल बॉक्सर बनने पर निराशा भी व्यक्त की।

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