Nuclear Power Stations In India Hindi GK

नाभिकीय ऊर्जा केंद्र (Nuclear Power Stations)-अभी देश में 17 परिचालित नाभिकीय ऊर्जा रिएक्टर (दो क्वथन जलयुक्त रिएक्टर - Boiling water reactors और 15 पी एच डब्लू आर एस) हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 4120 मेगावाट इकाई है। भारत में नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र की रूपरेखा, निर्माण और संचालन की क्षमता पूरी तरह तब प्रतिष्ठित हुई जब चेन्नई के पास कालपक्कम में 1984 और 1986 में दो स्वदेशी पी एच डब्ल्यू आर एस की स्थापना की गई।
तारापुर परमाणु विद्युत परियोजना-3 एवं 4 की 540 मेगावाट की इकाई-4 को 5 वर्षों से कम समय में ही मार्च 2005 को क्रांतिक (Critical) किया गया।
तमिलनाडु के कंदुनकुलम में परमाणु ऊर्जा केंद्र की स्थापना करने के लिए भारत ने रूस से समझौता किया। इस केंद्र में दो दबावयुक्त जल रिएक्टर (हर एक की क्षमता 1000 मेगावाट) होंगे।
भारी जल उत्पादन (Heavy Water Production) -भारी जल का इस्तेमाल पी एच डब्ल्यू आर में परिमार्णक और शीतलक के रूप में किया जाता है। भारी जल उत्पादन संयंत्रों की स्थापना निम्नलिखित जगहों पर की गई है-

1. नांगल (पंजाब), देश का पहला भारी जल संयंत्र जिसकी स्थापना 1962 में की गई
2. वडोदरा (गुजरात);
3. तालचेर (उड़ीसा)
 4. तूतीकोरिन (तमिलनाडु)
 5. थाल (महाराष्ट्र)
 6. हज़ीरा (गुजरात)
 7. रावतभाटा (गुजरात)
 8. मानुगुरू (आंध्र प्रदेश)

नाभिकीय ईंधन उत्पादन (Nuclear Fuel Production) - हैदराबाद का नाभिकीय ईंधन कॉम्पलेक्स दबावयुक्त जल रिएक्टर के लिए आवश्यक ईंधन के तत्वों को तैयार करता है। यह तारापुर के क्वथन जल (boiling water) रिएक्टर के लिए आयात यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड से संवर्धित यूरेनियम ईंधन के तत्वों का भी उत्पादन करता है।


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