Monday, 19 November 2018

How to complaint Indian Railway through sms?

दोस्तों अगर आप भारतीय रेलवे में सफर कर रहे हैं और आप किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो अब आप आसानी से एसएमएस के द्वारा अपनी समस्या को भारतीय रेलवे तक पहुंचा सकते हैं.

आज के इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे, s.m.s. कहां करना है कैसे करना है और उसकी जांच कैसे कर रही है.

1. सर्वप्रथम अपने मोबाइल में यह नंबर 8121281212 पर  गाड़ी नंबर कथा सीट संख्या लिखकर अपनी समस्याओं के साथ मैसेज करें, उदाहरण के तौर पर नीचे दिए गए चित्र को देखें साथ ही भारतीय रेलवे द्वारा आपको एक रेफरेंस नंबर के साथ एसेमेस भेजा जाएगा जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि आपकी समस्या भारतीय रेलवे तक पहुंच चुकी है


2. दिए गए रेफरेंस नंबर के साथ आप पुनः s.m.s. के द्वारा या भारतीय रेलवे की वेबसाइट http://www.scr.indianrailways.gov.in पे जाकर हम किए गए कंप्लेंट का स्टेटस जान सकते हैं.

तो आइए चित्र के माध्यम से हम एसएमएस करने के तरीकों को अच्छे से समझते हैं और उसका स्टेटस चेक करते हैं












 विस्तृत जानकारी के लिए आप इस वेबसाइट पर जा सकते हैं http://www.railnews.in/sms-complaint-number-for-indian-railways-passengers/



  1. दोस्तों अगर ऊपर किए गए तरीकों से आपकी समस्या का निदान नहीं हो पाता तो आप ट्रेन में सफर कर रहे टी टी आई या फिर आरपीएफ के जवान के साथ संपर्क कर अपनी समस्याओं का तुरंत निवारण कर सकते हैं.



Tuesday, 6 November 2018

Top 5 tallest statue in world in Hindi GK - दुनिया की पांच ऐसे मूर्तियों के बारे में जो सबसे ऊँची हैं

दोस्तों आज हम आपको बताते हैं, दुनिया की पांच ऐसे मूर्तियों के बारे में जो सबसे ऊँची हैं.
और मुझे उम्मीद हैं की आप सोच रहे होंगे की इनमे अपना देश भारत का कोई स्थान हैं या नहीं, यह कोई ऐसी ऊँची मूर्ति हैं या नहीं? तो दोस्तों हम आपको बता दे की दुनिया की सबसे ऊँची मूर्ति एकता की प्रतिमा (Statue of Unity) हमारे देश भारत में हैं,

आइये एक एक कर के जाने सभी पांच मूर्तियॉ के बारे में:

तो पहले नंबर पे हैं
1. एकता की प्रतिमा (Statue of Unity)
यह सन 2018 को भारत के गुजरात के नर्मदा जिले में केवडिया में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर बन कर तैयार हुआ. इसकी कुल उचाई 182 मीटर (597 फीट) हैं. यह प्रतिमा सरदार वल्लभभाई पटेल की हैं.

दूसरे नंबर पे हैं
2. वसंत मंदिर बुद्ध (Spring Temple Buddha)
यह सन 2018 को चीन के वैरोकाण बुद्ध लुशान, हेनान में 19.3 मीटर (63 फीट) कमल सिंहासन पर बन कर तैयार हुआ. इसकी कुल उचाई 128 मीटर (420 फीट) हैं. यह प्रतिमा बुद्ध की हैं.

तीसरे नंबर पे हैं
3. लेकीन सेटकीर (Laykyun Setkyar)
यह सन 2008 को म्यांमार में सागैंग डिवीजन में 13.41 मीटर (44 फीट) कमल सिंहासन पर बन कर तैयार हुआ. इसकी कुल उचाई 115.8 मीटर (380 फीट) हैं. यह प्रतिमा गौतम बुद्ध की हैं.

चउथे नंबर पे हैं
4. उशिकु दाईबुत्सू (Ushiku Daibutsu)
यह सन 1993 को जापान में उशिकु, इबारकी प्रीफेक्चर में 10 मीटर (33 फीट) कमल सिंहासन पर बन कर तैयार हुआ. इसकी कुल उचाई 100 मीटर (330 फीट हैं. यह प्रतिमा अमिताभा बुद्ध की हैं.

और पांचवे स्थान पे हैं
5. सेंडाई डाइकानन (Sendai Daikannon)
यह सन 1991 को जापान में सेंडाई , मियागी प्रीफेक्चर में बन कर तैयार हुआ. इसकी कुल उचाई 100 मीटर (330 फीट हैं. यह प्रतिमा कन्नन ( गुयेनिन ) की हैं.



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World top 5 tallest statue details like country, height and more in Hindi.

Thursday, 25 October 2018

Invention and inventors Chemistry in Hindi - आविष्कार और आविष्कारक रसायन शास्त्र

दोस्तों इस ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं रसायन विज्ञान के प्रमुख आविष्कार और आविष्कारक के बारे में. लगभग सभी परीक्षाओं में आविष्कार और आविष्कारक से सम्बंधित प्रश्न आते ही हैं. और अगर आप इस प्रश्नो के उत्तर सरलता से दे देते हैं तो ये आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा। इसके अनेक फायदे हैं एक तो की आप निश्चिंत हो जायेंगे की आपके एक या दो प्रतिशत आंसर तो सही ही हैं, तथा दूसरा ये की अगर आप इन प्रश्नो के उतर जल्दी दे देते हैं तो बाकि का बचा समय आप दूसरे बचे प्रश्नो पे देंगे।
इस पोस्ट में मैंने रसायन विज्ञान विषय के आविष्कार और आविष्कारक को एक जगह लिख कर, इतना आसान बना दिया हैं की ये आपको बहुत जल्दी याद हो जायेगा। तो आइये जानते हैं रसायन विज्ञान हिंदी में पूछे जाने वाले सभी आविष्कार और आविष्कारक के बारे में.

रसायन विज्ञान के आविष्कार और आविष्कारक
आविष्कारआविष्कारक
यूरिया का संश्लेषणफ्रेडरिक वोहलर (जर्मन केमिस्ट)
ऑक्सीजन की खोजकार्ल विल्हेम शेले 1772 में (स्वीडिश फार्मासिस्ट)
आणविक सिद्धांत (परमाणुवाद का सिद्धांत)जॉन डाल्टन (1808)
आवर्त सारणी (Periodic Table)दिमित्री मेंडेलेव (1869)
विद्युत द्वारा रसायन का परिवर्तनहम्फ्री डेवी
रेडियो-ऐक्तिविटीफ्रांसीसी वैज्ञानिक हेनरी बेकेलेल (1896)
इलेक्ट्रॉन की खोजजोहान विल्हेम हिटॉर्फ (वर्ष 1869 में)
निष्क्रिय गैसीय तत्व (नियॉन, क्रिप्टन, और क्सीनन)सर विलियम रामसे
रासायनिक गतिशीलता, परासरण दाबजैकबस हेनरिकस वैन टी हॉफ, जूनियर
पेनिसिलिनअलेक्जेंडर फ्लेमिंग
पॉलिथीनएरिक फावसेट
अल्युमीनियमचार्ल्स हॉल
एंटी-ल्यूकेमिया ड्रग्स गर्ट्रूड एलियन
ब्रोमाइन निष्कर्षण हर्बर्ट डॉव
बारूद अल्फ्रेड नोबेल
एचडीपीई और पॉलीप्रोपाइलीन प्लास्टिक पॉल होगन
केवलर स्टेफनी
गर्भनिरोधक गोली फ्रैंक कोल्टन
फोटोग्राफी जॉर्ज ईस्टमैन
सिंथेटिक रबर जूलियस न्यूवलैंड
टैगमैट - सिमेटिडाइनचरों गनेल्लिन
टेफ़लोन रॉय प्लंकेट
पी एच मीटरअर्नोल्ड बेकमैन
पेंटोथॉल डोनाली टैबरन, अर्नेस्ट वोल्विलर
ओजोनक्रिश्चियन शॉनबेन (जर्मनी, 1839)
आवोगाड्रो लॉ अमेडिओ एवोगैद्रो (इटली, 1811)
बाॅय्ल का नियमरॉबर्ट बॉयल (आयरलैंड, 1662)

Sunday, 14 October 2018

Inventions and inventors in Biology in Hindi GK - जिव विज्ञान के आविष्कार और आविष्कारक

दोस्तों इस ब्लॉग में हम आपको बताने जा रहे हैं प्रमुख आविष्कार और आविष्कारक के बारे में. लगभग सभी परीक्षाओं में आविष्कार और आविष्कारक से सम्बंधित प्रश्न आते ही हैं. और अगर आप इस प्रश्नो के उत्तर सरलता से दे देते हैं तो ये आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा। इसके अनेक फायदे हैं एक तो की आप निश्चिंत हो जायेंगे की आपके एक या दो प्रतिशत आंसर तो सही ही हैं, तथा दूसरा ये की अगर आप इन प्रश्नो के उतर जल्दी दे देते हैं तो बाकि का बचा समय आप दूसरे बचे प्रश्नो पे देंगे।
इस पोस्ट में मैंने जिव विज्ञान विषय के आविष्कार और आविष्कारक को एक जगह लिख कर, इतना आसान बना दिया हैं की ये आपको बहुत जल्दी याद हो जायेगा। तो आइये जानते हैं जिव विज्ञान हिंदी में पूछे जाने वाले सभी आविष्कार और आविष्कारक के बारे में.

जिव विज्ञान के आविष्कार और आविष्कारक
आविष्कारआविष्कारक
विटामिन A और Bमेकुलन
विटामिन "C"हॉवकट
विटामिन"D"हॉफ किंग्स
होमोपोथीहैनीमैन
डायवीटिजबेटिंग
पोलियोजॉन-ई-साल्क
वैक्ट्रीयाल्यूवेनहॉक
चेचकएडवर्डजेनरल
ईन्सूलिनवेटिंग
गर्भ निरोधक गोलियांपिनकस
TV वैक्ट्रियारॉबर्ट कोच
DNAजेम्स वाट सन तथाक्रीक
पेनीसिलअलेग्जेनडर फ्लेमिंग
विषाणुइवानोवस्की
हैजे का टीकाजॉंस सॉल्क
माइक्रोस्कोपराबर्ट हुक
क्लोरोफॉर्मसिम्पसन व हैरिसन
इस्प्रिनड्रेसर
मौसम विज्ञानएच. एन. वाडिया
एंटीजन लैंडस्टीनर
डीएनएवाटसन और क्रिक
डीडीटीपॉल मुलर
टीबी बैक्टीरियारॉबर्ट कोच
बीसीजीकैल्मेट और गुरिन
मलेरिया के सूक्ष्मजीव चार्ल्स लावरन
हृदय प्रत्यारोपण क्रिस्टियान बर्नार्ड
गर्भावस्था विरोधी गोलियां पिंकस
जेनेटिक कोडहर गोबिंद खोराना
पहला टेस्ट ट्यूब बेबी एडवर्ड्स और स्टेपेटो
कुष्ठ रोग का बैक्टीरिया हेंसन
टीकाएडवर्ड जेनर
पोलियो ड्रॉप अल्बर्ट सबिन
कैंसर की जीन रॉबर्ट वेनबर्ग
सेक्स हार्मोन यूजीन स्टेनक
शुक्राणुहम और लीवेंहेक
कैंसर रॉबर्ट वेलबर्ग
एक्स-रेरॉन्टगन
ज़ीमेज़, पहला एंजाइम एडवर्ड बुकनर
कृत्रिम दिल माइकल डिबैक
एस्पिरिनड्रेसर
एटीपीलोहमान के
रक्त कोशिकाएं मार्सेलो मालपिगी
रक्त परिसंचरणविलियम हार्वे
रक्त संग्रहमोर्विट्स   
रक्त समूह (AB)डी कैस्टेलो और स्टर्ली
रक्त समूह (O) डी कैस्टेलो और स्टर्ली
रक्त ग्रोपस (A, B और O) कार्ल लैंड स्टीनर
रक्तचाप - मापित स्टीफन हेल्स
कार्बन डेटिंग लिबी डब्ल्यूएफ
कोशिका रॉबर्ट हुक
कोशिका विभाजनहॉफमिस्टर 
कोशिका सिद्धांतश्लेडेन और श्वान
कीमोथेरपीपॉल एर्लिच
क्लोरोमासेटिन (एंटीबायोटिक)बर्क होल्डर
क्लोरोप्लास्टश्चिमपर
कोलेरा बैक्टीरिया रॉबर्ट कोच
क्रोमोसोम (परमाणु फिलामेंट्स) - निर्धारितएंटोन श्नाइडर
यौगिक सूक्ष्मदर्शी जचरियास जैनसेन
गर्भनिरोधक गोलियां पिंकस
इलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी नोल एम। और रउस्का ई।
हीमोफीलियाजॉन सी ओटो
हार्मोनबेलीस और स्टार्लिंग
मानव जीन थेरेपी मार्टिन क्लाइव                  

Sunday, 23 September 2018

गणेश जी की रोचक जानकारी थोड़े विस्तार से

वैसे तो गणेश जी को लोग बहुतो नाम से जानते हैं, जिसका वर्णन तक़रीबन १०८ नामो के साथ आपको हर जगह मिल जायेगा। लेकिन ऐसे पांच नाम जो हर लोगो की जुबा पे होता हैं. ऐसे पांच नाम जो हर पूजा को सफल बनता हैं.



ऐसे पांच नाम जो हर यज्ञ को सिद्धि देता हैं, आज हम आपको वही पांच नाम बताने जा रहे हैं.

वक्रतुण्ड
गजानन
एकदन्त
विघ्न-नाश
विनायक




क्यू श्री गणेश का सिर हाथी का है?

कहा जाता हैं की एक बार बागवान शिव अपने भूतो के साथ हिमालय विचरण को निकले, इसी बिच माता पार्वती सनान करने की सोची और कोई अंदर न आये इस लिए उन्होंने अपने सरीर के लेप से एक प्रतिमा बनाई और द्वार पे पहरेदार के रूप में उस प्रतिमा में जान डाल दी. वो प्रतिमा का बालक द्वार पे पहरा देने लगा

इसी बिच भगवन शिव वापस आये लेकिन उस लड़के ने उन्हें अंदर जाने से रोका। शिव जी क्रोध में आ कर उस बालक का सर काट दिया। स्नान से लौटकर पार्वती ने इस दृश्य को देखा. शिव जी को सारा वृत्तांत सुनाकर कहा, 'आपने यह क्या कर डाला? यह तो हमारा पुत्र है.' शिव जी दुखी हुए. भूतगणों को बुलाकर आदेश दिया कि कोई भी प्राणी उत्तर दिशा में सिर रखकर सोता हो, तो उसका सिर काटकर ले आओ. भूतगणों को काफी देर बाद एक हाथी का बच्चा मिला जो उसी मुद्रा में था भूतगण उसका सिर काटकर ले आए. शिव जी ने उस बालक के धड़ पर हाथी का सिर चिपकाकर उसमें प्राण फूंक दिए. तवसे वह बालक 'गजवदन' नाम से लोकप्रिय हुआ.




क्यू होती हैं श्री गणेश की पूजा सबसे पहले हर मंगल कार्य में हर अनुष्ठान में?

कहा जाता हैं देवो के मध्य इस बात पे बहस हो गयी की - कौन सबसे पहले पूजा जाना चाहिए? इस गुथी को सुलझाने के लिए भगवन शिव ने एक प्रतियोगिता रखी, जिसके अनुसार जो सबसे पहले समस्त  बरम्हंड की चक्कर लगाएंगे वही प्रथम पूजे जायेंगे
सभी देवो को बरम्हंड जाते देख, श्री गणेश ने अपनी सूझ बुझ से अपने पास बैठे माता पिता की परिकर्मा क्र लिए. ये पूछे जाने पर की ये क्या क्र रहे हैं ? श्री गणेश ने जबाब दिया मेरे लिए मेरे समस्त जग पूरा बरम्हंड मेरे माता पिता हैं अपितु मैंने इनका ही चक्कर लगाना सही समझा। और इस तरह से भगवन शिव ने श्री गणेश की पूजन प्रथम होने की बात बताई.

कौन सा वो मंत्र हैं जो श्री गणेश के लिए हर पूजन में प्रथम जपा जाता हैं?

गणेश मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा ॥

हर पूजन से पूर्व हम इस गणेश मंत्र का जप कर कहते हैं - हे गज (हाथी) के सामान विशालकाय, रवि(सूर्य) के सहस्त्र(हजारो) किरणों तेज के सामान, मेरे देव (प्रभु) गणेश, बिना किसी बिघ्ना (बाधा) के मेरा कार्य पूर्ण हो और सदा मेरे लिए शुभ हो  ऐसी मैं कामना करता/करती हूँ.





Saturday, 18 August 2018

स्वर्गीय श्री अटल बिहारी बाजपेई जी के बारे में विस्तार से

अटल बिहारी वाजपेई जी के बारे में संक्षेप में

  • अटल बिहारी वाजपेयी
  • 25 दिसम्बर 1924, बृहस्पतिवार
  • 16 अगस्त 2018, बृहस्पतिवार
  • ग्वालियर, मध्यप्रदेश
  • कृष्णा देवी
  • कृष्णा बिहारी वाजपेयी
  • नहीं हुआ
  • भारतीय जनता पार्टी
  • 1992 में पद्म विभूषण, 1993 में डी.लिट (डॉक्टरेट इन लिटरेचर - कानपूर यूनिवर्सिटी), 1994 में लोकमान्य तिलक पुरस्कार, 1994 में बेस्ट संसद व्यक्ति का पुरस्कार, 1994 में भारत रत्न पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त अवार्ड, 2015 में भारत रत्न और 2015 में लिबरेशन वॉर अवार्ड (बांग्लादेश मुक्तिजुद्धो संमनोना)


स्वर्गीय अटल बिहारी बाजपेई जी के बारे में विस्तार से


बहुमुखी प्रतिभा की धनी श्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था

 प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद हुए ग्वालियर विक्टोरिया कॉलेज जो वर्तमान में लक्ष्मीबाई कॉलेज है इसे हिंदी इंग्लिश और संस्कृत में उच्च शिक्षा प्राप्त की तथा डिस्टिंक्शन से पास हुए
कॉलेज के समय से राजनीति के प्रति उनकी रूचि तीव्र थी और उन्होंने पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएशन किया कॉलेज के समय से ही वह राजनीतिक कामों में सक्रिय हो गए थे आर्य कुमार सभा से उन्होंने अपना राजनीतिक सफर शुरू किया, 1944 में वे आर्य समाज सभा के जनरल सेक्रेटरी भी बने और उन्हें युवा शक्ति माना जाता था

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मैं उनकी अभिरुचि 1939 से ही दिख रही थी और 1947 में वह RSS के फुल टाइम वर्कर बन गए थे

वाजपेई जी के पिताजी अपने गांव के एक महान कवि और स्कूल मास्टर थे घरेलू परवरिश की वजह से अटल बिहारी बाजपेई भी कविताओं में रुचि रखने लगे थे और उनकी बोलने की शैली का तो क्या कहना.

पिता की वजह से 1957 से उनकी राजनीतिक कैरियर और भी ऊंचाइयों को छूने लगी थी जब वह पहली बार भारतीय सांसद बने कहा जाता है जब वह बोलना शुरू कर देते तो सभी मंत्र मुक्त होकर उनकी बातों को सुना करते थे पंडित जवाहरलाल नेहरु जी उन के भाषणों के कायल थे

वाजपेई जी अब तक पूरे 9 बार लोकसभा के लिए चुने गए 1996 में को पहली बार प्रधानमंत्री बने लेकिन बहुमत साबित ना करने की वजह से मात्र 13 दिनों के बाद उन्हें त्यागपत्र देना पड़ा और फिर वह 1998 तक विपक्ष के नेता रहे.

1998 में वह फिर से पूर्ण बहुमत साबित करने के बाद प्रधानमंत्री बने अपने कार्यकाल में उन्होंने बहुत हो प्रमुख कार्य किए जिनमें से पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना, कावेरी जल विवाद सुलझाना, हवाई अड्डा का विकास, टेलकम नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा समिति का गठन और ग्रामीण रोजगार सृजन प्रमुख थे.

भारतीय राजनीति सीमा मिश्रा का भारतीय राजनीति के सबसे ज्यादा आदर्शवादी और प्रशंसनीय राजू श्रीवास्तव जी लगभग 50 सालों तक भारतीय राजनीति पूरी तरीके से सक्रिय रहे 93 वर्ष के आखिरी पड़ाव पर 16 अगस्त 2018 को उनका देहांत हो गया और उनकी मृत्यु पर पूरे 7 दिनों के राष्ट्रीय शोक भी घोषित किया गया.

@Raj